October 31, 2020

बैठे-बैठे आ रहा है पसीना तो सावधान!

पसीना आना शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन कई बार बिना शारीरिक श्रम या बैठे-बैठे भी पसीना आने लगता है। अगर रात में ज्यादा पसीना आ रहा है तो यह बीमारी के लक्षण है। डायबिटीज और हृदय रोगों में बैठे-बैठे पसीना आता है। जिनकी उम्र 40-50 वर्ष के बीच है और बिना शारीरिक श्रम के ही बैठे-बैठे घबराहट, सीने में दर्द और पसीना आ रहा है तो यह हृदय रोगों का लक्षण हो सकता है। उन्हें तत्काल किसी हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। मधुमेह रोगियों को बैठे-बैठे अधिक पसीना आए व बेचैनी हो तो उसका शुगर कम हो गया है।

थायरॉइड रोगियों में ज्यादा पसीना व वजन कम
थायरॉइड दो तरह का होता है। हाइपर और हाइपो थायरॉइड। हाइपर थायरॉइड में इसका स्तर ज्यादा होता है जबकि हाइपो में थायरॉइड का स्तर घटता है। हाइपर थायरॉइड के रोगियों में ज्यादा पसीना आता और उनका वजन भी कम होता है। अगर वजन कम हो और पसीना ज्यादा आ रहा है तो थायरॉइड की जांच डॉक्टरी सलाह से करवा सकते हैं।

टीबी के रोगियों में रात में पसीना अधिक होता है
ट्यूबर क्लोसिस यानी टीबी के मरीजों में संक्रमण के कारण अधिक पसीना आता है। जो रात में ही अधिक आता है। सोते समय तकिया या बिस्तर भीग जाता है। इसी तरह एंजाइटी में भी ज्यादा पसीना आ सकता है लेकिन इमसें मरीज ज्यादा बेचैन रहता है। हाथों में पसीना ज्यादा होता है।

ऐसे करें पहचान
एक साथ कई लोग आपके आसपास हैं लेकिन पसीना ज्यादा आपको ही आ रहा है। साथ ही यह परेशानी थोड़ी देर ही रहती है। जिन्हें ज्यादा पसीना आता है यह परेशानी हमेशा ही रहती है।