November 25, 2020

बोइंग-जम्बो समेत 46 विमान अब जयपुर में पार्क हो सकेंगे

एयरपोर्ट पर नए पार्किंग-बे बनकर तैयार होंगे

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 2 नवम्बर। जयपुर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जल्द ही एक साथ 46 विमान पार्क हो सकेंगे। जयपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इसके लिये दो जगहों को चिन्हित किया है। वहां पर नए एप्रन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। पहले एप्रन में 19 नए पार्किंग-बे बनकर तैयार हो चुके हैं। इनके निर्माण कार्य पर लगभग 110 करोड़ खर्च होने का अनुमान है । वर्तमान में यहां सिर्फ 14 विमानों की ही पार्किंग क्षमता उपलब्ध है । पिछले साल फरवरी से एयरपोर्ट अथॉरिटी ने नए पार्किंग-बे विकसित करने का काम शुरू किया था। यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सेपरेट करने के काम के साथ साथ एयरपोर्ट पर एप्रन बनाने का काम अब तेजी पकड़ रहा है। इनमें से एक एप्रन टैंगो टैक्सी पर और दूसरा एप्रन एटीसी टावर से आगे जगतपुरा नाले की तरफ बनाने का काम चल रहा है । पहले एप्रन में 19 नए पार्किंग-बे बनकर तैयार हैं। इनमें से 8 टर्मिनल-1 के हिस्से की तरफ विकसित किए गए हैं । आने वाले समय में जब एयरपोर्ट का नया टर्मिनल बनकर तैयार हो जाएगा और पुराने एयरपोर्ट टर्मिनल-1 से भी इंटरनेशनल फ्लाइट संचालित होंगी तब दोनों तरफ से यात्रियों के आवागमन के लिए विमान टैंगो टैक्सी पर पार्क हो सकेंगे।

दिल्ली से डायवर्ट होने वाले विमानों के लिए होगी आसानी
पार्किंग-बे क्षमता बढऩे से दिल्ली से डायवर्ट होने वाले विमानों के लिए अधिक संख्या में पार्किंग स्थान उपलब्ध रहेंगे । इसके साथ ही एयरलाइंस के लिए यहां अपना बेस स्टेशन स्थापित करने में भी आसानी रहेगी। वर्तमान में 72 सीटर विमान एटीआर-72 या 90 सीटर विमान क्यू-400 के लिए पार्किंग हैं। एयरपोर्ट पर 19 नए पार्किंग-बे कैटेगरी सी के बनाए गए हैं। वहीं अब 13 और नए पार्किंग-बे बनाए जाएंगे। वो एटीसी टॉवर से जगतपुरा नाले के बीच बनेंगे। ये 13पार्किंग-बे भी कैटेगरी सी के विमानों के लिए बनेंगे। इन 13 पार्किंग-बे के क्षेत्र में 7 बड़े कैटेगरी-ई के विमान भी पार्क हो सकेंगे। कैटेगरी-ई में 250 से 420 तक यात्री क्षमता वाले बड़े विमान शामिल होते हैं । बोइंग 747 जम्बो जेट, बोइंग 777, एयरबस 330, एयरबस 340 जैसे विमान कैटेगरी-ई में शामिल हैं। इस तरह कुल 32 पार्किंग-बे नए बनेंगे।