Sun. Feb 23rd, 2020

ब्रेनडेड युवक दे गया तीन को जीवन

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 13 फरवरी। जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया। हार्ट ट्रांसप्लांट करने की प्रक्रिया मंगलवार देर रात शुरू हुई और बुधवार तड़के तक चली। अस्पताल के कार्डियोथेरेसिक सर्जन डॉ. अनिल शर्मा की टीम ने इसे अंजाम दिया। डॉ.शर्मा के अनुसार श्रीगंगानगर जिले के सार्दुलशहर निवासी 18 साल के युवक आदित्य के ब्रेनडेड होने पर उसके परिजनों को अंग प्रत्यारोपण के लिए तैयार किया गया। उसके परिजन तैयार हुए तो अस्पताल में पहले से ही भर्ती एक मरीज को करीब 11 घंटे चले सफल ऑपरेशन के बाद हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया। इसके साथ ही ब्रेनडेड युवक की दोनों किडनी का भी अस्पताल में ही पहले से भर्ती दो मरीजों को प्रत्यारोपण किया गया। इस प्रकार युवक के दान किए गए अंगों से तीन लोगों को नई जिंदगी मिली है। राज्य के चिकित्सा मंत्री डा. रघु शर्मा व मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ.सुधीर भंडारी ने दानदाता युवक के परिजनों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी सहमति से तीन लोगों को नया जीवन मिला। आदित्य सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में भेजा गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत का कारण ब्रेनडेड बताया गया। परिजनों के तैयार होने पर आदित्य का हार्ट दीपक नामक युवक को ट्रांसप्लांट किया गया।

पहले भी हुआ एक हार्ट ट्रांसप्लांट
उल्लेखनीय है कि पिछले माह प्रदेश में पहली बार किसी सरकारी अस्पताल में हार्ट का ट्रांसप्लांट किया गया था। उस समय भी डॉ.अनिल शर्मा की टीम ने करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन कर हार्ट ट्रांसप्लांट किया था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि हार्ट ट्रांसप्लांट में किसी भी बाहरी डॉक्टर की मदद नहीं ली गई थी। गत 10 जनवरी को राजसमंद का 25 साल का सावरमल सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। उसे सवाई मान सिंह अस्पताल लाया गया जहां गत 14 जनवरी को ब्रेन डेड घोषित किया गया। परिजनों ने अंगदान की अनुमति दी। सभी अंग सही तरीके से काम कर रहे थे। हार्ट,लीवर और किडनी देना तय किया गया। कार्डियो थोरेसिक विभाग की टीम गत 14 जनवरी की रात से ही काम पर लग गई और रेसिपिएंट को अस्पताल बुलाया गया और गत 16 जनवरी को हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ।