Fri. Apr 10th, 2020

ब्रैंडन मैकलम ने बताया चेन्नै सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स के बीच सबसे बड़ा अंतर

नई दिल्ली (एजेंसी)। न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैकलम ने बताया है कि आखिर क्यों महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नै सुपर किंग्स ने तीन बार इंडियन प्रीमियर लीग का खिताब जीता है और क्यों रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम ऐसा नहीं कर पाई है। मैकलम दोनों टीमों में खेल चुके हैं। आईपीएल में वह आखिरी बार कोहली की टीम में खेले थे। उनका आखिरी आईपीएल मुकाबला 2018 में चेन्नै के खिलाफ ही था। मैकलम के नाम आईपीएल के इतिहास की पहली सेंचुरी लगाने का रेकॉर्ड दर्ज है। 2008 के पहले सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ शानदार 158 रन बनाए थे। इस खिलाड़ी ने कहा कि सुपर किंग्स की टीम अपने खिलाडिय़ों के प्रति वफादार है, और यही कारण है कि वह एक टीम की तरह खेलती है। येलो आर्मी कही जाने वाली चेन्नै की टीम बीते साल भी फाइनल में पहुंची थी जहां उसे रोहित शर्मा की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस से एक रन से हार का सामना करना पड़ा था।

बैंगलोर परफेक्ट टीम है
बैंगलोर की टीम एक बार भी आईपीएल का खिताब नहीं जीत पाई है। 2009 और 2016, दो बार टीम फाइनल में पहुंची है लेकिन ट्रोफी उसके हाथ नहीं आई है। ऐसा नहीं है कि टीम के पास स्टार खिलाड़ी नहीं रहे हैं, विराट कोहली के अलावा एबी डि विलियर्स, क्रिस गेल और मैकलम जैसे धमाकेदार क्रिकेटर इस टीम का हिस्सा रहे हैं। मैकलम ने बताया बैंगलोर की टीम में ‘बेकार का शोर’ बहुत है और उसके पास आगे बढऩे का कोई मुनासिब प्लान नहीं होता। क्रिकबज से बातचीत में मैकलम ने कहा, ‘एक टीम ऐसी है जो अपने खिलाडिय़ों को चुनने के प्रति वफादारी दिखता ही और उनकी चुनी टीम पर यह रणनीति काम करती है वहीं दूसरी टीम परफेक्ट टीम बनाने के पीछे भागती है लेकिन उसके पास इस बात का कोई ब्लूप्रिंट नहीं होता कि कैसे खेलना है। सीएसके की टीम में बहुत कम बेकार का शोर होता है वहीं बैंगलोर के पास काफी होता है।’ दो साल के प्रतिबंध के बाद जब चेन्नै सुपर किंग्स की टीम ने आईपीएल में वापसी की तो उसमें काफी उम्रदराज खिलाड़ी थे। कई लोगों ने तो इसे ‘डैड्स आर्मी’ भी कहा गया लेकिन टीम ने आते ही खिताब जीता। और एक बार फाइनल में भी पहुंची। चेन्नै की टीम ने बीते साल भी अपने ज्यादातर खिलाडिय़ों को साथ रखा वहीं बैंगलोर ने अपनी टीम में कई बदलाव किए।