Sat. May 25th, 2019

ब्लाइंड मर्डर का 5 माह बाद खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 15 मई। शहर के कानोता थाना इलाके में पांच महिने पहले हुए विवाहिता के ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने सीआरपीएफ में कांस्टेबल रह चुके मुख्य आरोपी सहित दो जनों को गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी (पूर्व) राहुल जैन ने बताया कि गांव नौनपुरा, तहसील जमवारामगढ निवासी गिरफ्तार आरोपी गिर्राज उर्फ फौजी (34) व गांव पापड़, जमवारामगढ निवासी कालूराम मीणा (20) है। इनमें गिर्राज मीणा के खिलाफ जमवारामगढ थाने में लूट व अवैध शराब तस्करी के केस दर्ज है। वह कानोता थाने के टॉप 10 वांछित बदमाशों में से एक है। वह सीआरपीएफ में कांस्टेबल था, लेकिन वर्ष 2010 में नौकरी छोड़कर आ गया था। डीसीपी जैन के अनुसार पूछताछ में खुलासा हुआ कि कानोता निवासी हीरा मीणा का आरोपी कालूराम मीणा से वारदात से दो तीन महिने पहले से प्रेमप्रसंग चल रहा था। इस बात की जानकारी कालूराम के दोस्त आरोपी गिर्राज मीणा को भी थी। उसने कालूराम के जरिए हीरा से दोस्ती करनी चाही। 25 दिसंबर 2018 को कालूराम व हीरा की बातचीत हुई। तब कालूराम ने हीरा को रात करीब 10-11 बजे के बीच राशन डीलर की दुकान के पास बातचीत करने बुलाया। परिजनों के सोने पर हीरा मीणा चोरी छिपे घर से निकल गई और राशन डीलर की दुकान के पास पहुंची। जहां उसे बाइक सवार कालू व गिर्राज मीणा मिले। वे दोनों उसे बाइक पर बैठाकर गांव नौनपुरा में खटीकों की ढाणी स्थिल कालू डीजे की दुकान पर ले गए। एडिशनल डीसीपी ललित किशोर शर्मा ने बताया कि आरोपी कालूराम ने हीरा व गिर्राज को दुकान में अकेले बातचीत के लिए छोड़ दिया और खुद दुकान का शटर बंद कर अपने दोस्त छोटू योगी के घर जाकर सो गया। इसके बाद आरोपी गिर्राज मीणा ने हीरा मीणा से जबरन दुष्कर्म किया। तब मृतका हीरा ने विरोध कर चीख पुकार मचाई और गांव वालों को उसकी करतूत बताने की धमकी दी। तब गिर्राज मीणा ने दुकान के भीतर ही हीरा मीणा की हत्या कर दी। इसके बाद वह अपनी थार जीप में हीरा मीणा की लाश को रखा। इसके बाद मीणों की बाढ स्थित सूनसान जंगल पहुंचा। वहां लाश को फेंककर भाग गया। उसने कालूराम को घटना की जानकारी दी। तब अगले दिन कालूराम ने दुकान में धुलाई व सफाई कर हत्या के साक्ष्य मिटा दिए। वहीं, हीरा मीणा का शव मिलने पर उसके पिता गोपाल मीणा ने कानोता थाने में 28 दिसंबर को मुकदमा दर्ज करवाया। मृतका हीरा का विवाह वर्ष 2014 में हो गया था। लेकिन उसका गौना नहीं हुआ था। वह पीहर में रहकर पढाई करती थी। पांच महिने बाद एडिशनल डीसीपी ललित किशोर शर्मा के निर्देशन में बस्सी एसीपी मनस्वी चौधरी व कानोता थानाप्रभारी नरेंद्र खींचड़ के नेतृतव में गठित टीम ने सुराग मिलने पर आरोपी गिर्राज मीणा को टोंक जिले से तथा कालूराम मीणा को आमा मोड़, नायला से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेशकर 7 दिन के रिमांड पर लिया है।