Fri. Jul 3rd, 2020

ब्लू डार्ट बनी ‘भारत में काम करने के लिए सर्वश्रेष्ठ 50 कंपनियों में से एक’-2020

  • कंपनी ने ऐसे शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ संगठनों में बने रहने के लिए सर्वोत्कृष्ट लॉरिएट मेडल जीता है, जो इंडियाज बेस्ट कंपनीज टू वर्क फॉरकी सूची में 10 या उससे अधिक वर्षों से शामिल रहे हैं।

 मुंबई, 30 जून, 2020: डॉयचे पोस्ट डीएचएल ग्रुप (डीपीडीएचएल) के अंग के रूप में भारत की अग्रणी लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता ब्लू डार्ट को ग्रेट प्लेस टू वर्क® (जीपीटीडब्लू) इंस्टीट्यूट और द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा 2020 के लिए काम करने वाली भारत की 50 सर्वश्रेष्ठ कंपनियोंमें स्थान दिया गया है। इसके अलावा ब्लू डार्ट को ऐसे शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ संगठनों में बने रहने के लिए सर्वोत्कृष्ट लॉरिएट मेडलप्रदान किया गया है, जो इंडियाज बेस्ट कंपनीज टू वर्क फॉरकी सूची में बीते 10 वर्षों से लगातार दर्शाए जाते रहे हैं। 

2020 के लिए काम करने वाली भारत की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में स्थान पाने को लेकर ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बलफर मैन्युएल ने टिप्पणी की है- “हम बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं कि ब्लू डार्ट को 2020 के लिए काम करने वाली भारत की 50 शीर्ष कंपनियों में शुमार किया गया है। हमें और भी खुशी हो रही है कि हमारी कंपनी ने ग्रेट प्लेस टू वर्क® द्वारा मान्यता प्राप्त शीर्ष 100 संगठनों में लगातार 10 वर्षों से दर्शाए जाने के लिए सर्वोत्कृष्ट लॉरिएट मेडल प्राप्त किया है। ब्लू डार्ट हमेशा एक ऐसा संगठन रहा है जो अपने लोगों को प्राथमिकता देता है। ये व्यवसाय के केंद्र में रहने वाले हमारे ब्लू डार्टर ही हैं, जो हमें मजबूत ब्रांड इक्विटी और मार्केट लीडरशिप के दम पर मार्केट लीडर बनाते हैं। यह उनके अदम्य हौसले और पराक्रम का ही कमाल है कि हम अपने अपने ग्राहकों के लिए खुद को प्रोवाइडर ऑफ च्वाइस और इंवेस्टमेंट ऑफ च्वाइस बता सकते हैं। इसी वजह से हम यह सुनिश्चित करते हैं कि उनके लिए हम इम्प्लॉयर ऑफ च्वाइस बने रहें। अपनी पीपल फर्स्ट फिलॉसफीके माध्यम से हम अपने लोगों में इंवेस्ट करना जारी रखते हैं और उनके सर्वांगीण विकास के लिए एक समर्थ वातावरण तैयार करते हैं, जो बदले में हर समय हमारे ग्राहकों और हितधारकों की उम्मीदों को बढ़ाता है और उनकी अपेक्षाओं पर कहीं अधिक खरा उतरता है। मैं इस टीम का हिस्सा बन कर अभिभूत हूं।” 

उनकी बात को आगे बढ़ाते हुए ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड के सीएचआरओ राजेंद्र घग कहते हैं, “हम समझते हैं कि हमारे कारोबार की नींव हमारे ब्लू डार्टर्स हैं। शुरू से ही हमारा आदर्श वाक्य रहा है कि अत्यधिक जुड़ाव रखने वाले ब्लू डार्टर्स खुशहाल ग्राहक तैयार करते हैं। ब्लू डार्ट में हमारा मानना है कि उच्चतम ब्रांड मूल्यों के दम पर ही किसी संगठन की नींव मजबूत होती है। इसीलिए हम अपनी टीमों के अंदर अपने चार मूल्य- पैशन, कैन डू, राइट फर्स्ट टाइम और एज वन को अच्छी तरह से बिठा देते हैं। हम सुनिश्चित करते हैं कि हमारी टीमों की विभिन्न एचआर पहलों के माध्यम से पूरी देखभाल हो। इन पहलों में शामिल हैं- डेथ बिनेवलेंट फंड (डीबीएफ), जो टीम के किसी सदस्य की मृत्यु हो जाने से उसके परिवार में उपजा वित्तीय संकट दूर करने के उद्देश्य से बनाया गया कार्यक्रम है, इसके अलावा अपस्टेयर्स, जो टीम के सदस्यों के बच्चों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने वाला कार्यक्रम है, जिसके तहत बच्चों को एक मेंटोर के साथ-साथ प्रतिवर्ष 1,00,000 रुपए मिलते हैं।”

वर्ष 1983 में अपनी स्थापना होने के बाद से ब्लू डार्ट एक महान कार्यस्थल संस्कृति और मजबूत प्रतिभा प्रतिधारण वाला संगठन रहा है। अधिकांश वरिष्ठ प्रबंधन टीमों में संगठन के भीतर विकसित होने वाली प्रतिभाएं शामिल रहती हैं, जो ऊंचे ओहदों पर पहुंची हैं। यह संगठन विकास को प्रोत्साहित करता है और कुशल व्यक्तियों को यह सुनिश्चित करते हुए पर्याप्त अवसर प्रदान करता है कि उनके पास वर्तमान प्रबंध निदेशक बलफर मैन्युएल से लेकर पहले दिन की शुरुआत करने वाले ब्लू डार्टर्स बहुतायत में हों।

अपने ब्लू वेडिलिवरी प्रोग्राम जैसे बेहतरीन अमल के लिए पहचाना जाने वाला ब्लू डार्ट  एक संगठन के तौर पर ऐसा मार्ग प्रशस्त करता है, जो हमेशा अपने लोगों को सर्वप्रथम रखेगा और कामगार की गरिमा सुनिश्चित करेगा। ब्लू वेएक ऐसी अभिनव पहल है, जो ग्राहक की खुशी और संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए हर ब्लू डार्टर को ग्राहक के स्थान पर डिलिवरी करने के लिए प्रोत्साहित करती है। यह प्रोग्राम प्रबंध निदेशक समेत सीनियर मैनेजमेंट टीम को डिलीवरी की प्रक्रिया में शामिल रखता है। ब्लू डार्ट दक्षिण एशिया का निर्विवाद रूप से एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स लीडर है, जो ग्राहक को केंद्र में रखने के साथ-साथ नवाचार, चुस्ती-फुर्ती और उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देता है।

तमाम उद्योगों के 10,000 से भी ज्यादा संगठनों से जुड़े 12 मिलियन से अधिक कर्मचारियों के अनुभव का आकलन करने वाली ग्रेट प्लेस टू वर्क® स्टडी उनके कर्मचारी सर्वेक्षण और लोगों के व्यवहार का मूल्यांकन करने के आधार पर हर साल इंडियाज बेस्ट कंपनीज टू वर्क फॉरको चिह्नित करती है। इसे दो शाखाओं में बांटते हुए ग्रेट प्लेस टू वर्क® (जीपीटीडब्लू) इंस्टीट्यूट इसके और आगे बढ़कर 21 से अधिक उद्योग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले 500 से अधिक कर्मचारी क्षमता के 100 सर्वश्रेष्ठ संगठनों की पहचान करता है।

जीपीटीडब्लू सर्वोत्तम कार्य संस्कृतियों के मूल्यांकन और उनकी पहचान करने के लिए मुख्य रूप से 3 पैमानों से काम लेता है:

  • पहला पैमाना उनके विश्व स्तर पर मान्य सर्वेक्षण उपकरण ट्रस्ट इंडेक्सTM के माध्यम से कर्मचारी अनुभव की गुणवत्ता को मापता है। यह सर्वेक्षण कर्मचारियों से अनाम प्रतिक्रिया प्राप्त करने में सहायक होता है।
  • दूसरे पैमाने को कल्चर ऑडिटTM कहा जाता है, जो इंस्टीट्यूट का एक मालिकाना उपकरण है। यह किसी संगठन के लोगों के व्यवहार का मूल्यांकन करता है, जिसमें कर्मचारी के पूरे जीवन-चक्र को कवर किया जाता है।
  • तीसरे पैमाने को ग्रेट प्लेस टू वर्क फॉर आलTM कहा जाता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि हर कोई नौकरी में अपनी भूमिका, कार्यकाल, उम्र या लिंग की परवाह किए बिना सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों पर लगातार सकारात्मक अनुभव प्राप्त करे।

स्टडी के हिस्से के रूप में सभी संगठनों का बेंचमार्किंग, एक्शन प्लानिंग और मान्यता के लिए ग्रेट प्लेस टू वर्क® मूल्यांकन किया जाता है। ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंस्टीट्यूट की कार्यप्रणाली को कठोर, वस्तुनिष्ठ और निष्पक्ष माना जाता है तथा इसे तमाम कारोबारों, शैक्षणिक समुदायों और सरकारी संगठनों के बेहतरीन कार्यस्थलों को परिभाषित करने का गोल्ड स्टैंडर्ड समझा जाता है।