November 29, 2020

भत्तों के लिए रेल कर्मचारियों का संघर्ष

जयपुर, 2 नवंबर। रेल कर्मचारियों के लिए बोनस की मांग हासिल करने के बाद नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन ने रुके हुए महंगाई भत्ते एवं रात्रि ड्यूटी भत्ते की मांग को लेकर संघर्ष शुरू कर दिया हैं। यूनियन के आह्वान पर उत्तर पश्चिम रेलवे के विभिन्न मण्डल, कारखाना एवं शाखाओं पर 1 जनवरी एवं 1 जुलाई 2020 से देय महंगाई भत्ता की किश्त का भुगतान करने एवं रात्रि ड्यूटी करने सभी रेल कर्मचारियों को बिना वेतन सीमा के रात्रि ड्यूटी भत्ते का भुगतान करने के संबंध में रेल कर्मचारियों ने प्रदर्शन करके केंद्र सरकार के विरुद्ध अपनी नाराजगी जाहिर की।
जयपुर में रेलवे स्टेशन पर मण्डल मंत्री आर के सिंह एवं मुकेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में रेल कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में उपस्थित रेल कर्मचारियों को यूनियन के महामंत्री मुकेश माथुर ने संबोधित करते हुए कहा कि रात्रि ड्यूटी भत्ता जेसीएम के तहत आरबिटेशन के माध्यम से रेल कर्मचारियों ने प्राप्त किया है जिसमें कटौती करने का काम केंद्र सरकार नहीं कर सकती। रात्रि ड्यूटी करने पर कर्मचारियों को शरीर से अलग ऊर्जा निकालनी होती है, उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ता हैं। अत: इसे वेतन की सीमा से बांधना व 1/07/2017 से रिकवरी करना यूनियन को स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ता, महंगाई बढऩे पर उपभोक्ता सूचकांक बढऩे के आधार पर दिया जाता हैं। सरकार महंगाई भत्ता नहीं देना चाहती है तो महंगाई पर नियंत्रण करे वरना इस भत्ते को रोकने का कोई ओचित्य नहीं हैं। प्रदर्शन में मीना सक्सेना, देशराज सिंह, राजेश वर्मा, मुकुट सिंह, के एस अहलावत, गोपाल मीना, राकेश यादव, सुभाष पारीक सहित अनेक रेल कर्मचारियों ने भाग लिया।