Fri. Jul 3rd, 2020

भारत ने तरेरी आंखें, 59 एप बंद, अब चीन से आयात भी रोकने की तैयारी

नीलम जीना

नई दिल्ली, 30 जून। चीन के टिकटॉक समेत 59 एप पर रोक के बाद उसे आर्थिक मोर्चे पर चोट पहुंचाने के लिए सरकार अब चीनी सामान के आयात पर प्रतिबंध के लिए मंथन कर रही है। फैसला लेने से पहले औद्योगिक संगठनों एवं अन्य मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन व निर्यातकों की राय मांगी गई है। उनसे यह पूछा जा रहा है कि चीन से होने वाले आयात पर प्रतिबंध लगाने की स्थिति में वह कितने सहज होंगे। खासतौर से विकल्प की तैयारी पूछी जा रही है। जाहिर है कि टेलीकॉम और चीनी एप पर कुछ प्रतिबंध के बाद अब आयात पर सख्त लगाम लगाने की तैयारी हो रही है। सरकार औद्योगिक संगठनों एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल से चीन से आयात होने वाले सामान की सूची की मांग पहले ही कर चुकी है ताकि यह निश्चित किया जा सके कि किन-किन आइटम का निर्माण हम आसानी से तत्काल रूप से भारत में कर सकते हैं और उन आइटम पर प्रतिबंध लगाने पर भारतीय मैन्यूफैक्चरर्स का कोई नुकसान नहीं हो। विकल्प के रूप में यह भी देखा जा सकता है कि चीन की बजाय और कहां से जरूरी सामान और खासतौर से कच्चा माल मंगाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक सरकार औद्योगिक जगत से चीनी सामान के विकल्प एवं उसकी जगह भारतीय मैन्यूफैक्चरिंग को स्थापित करने के मामले में भी राय ले रही है। अभी चीन से आने वाले माल की फिजिकल चेकिंग के कारण उन्हें पोर्ट से निकलने में देरी होने पर घरेलू मैन्यूफैक्चरर्स सप्लाई चेन बाधित होने की आवाज उठाने लगे हैं। सरकार को भी पता है कि दवा, ऑटो पार्ट्स, मोबाइल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल्स जैसे कई क्षेत्र हैं जहां चीन से कच्चे माल की सप्लाई नहीं होने पर तैयार माल का उत्पादन संभव नहीं है। इससे पहले तनाव के बीच सरकार ने चीन के टिकटॉक समेत 59 मोबाइल एप पर सोमवाल को प्रतिबंध लगा दिया है। इस सूची में टिक टॉक और यूसी ब्राउजर भी जैसे एप शामिल हैं।भारत सरकार ने पूर्वी लद्दाख की गलवन घाटी में हिंसक झड़प के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर उपजे बेहद तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत ने सोमवार को यह बड़ा कदम उठाया है। चीन के जिन एप पर रोक लगाई गई है उनमें शेयरइट, यूसी ब्राउजर, एमआइ कम्यूनिटी एप आदि शामिल हैं।