September 22, 2020

भारत में जल्द आएगा कोरोना का पीक टाइम

नई दिल्ली, 21 अगस्त (एजेंसी)। विश्लेषण बताते हैं कि उत्साहजनक रिकवरी रेट से उम्मीद जग रही है कि देश में कोरोना कोविड-19 महामारी जल्द ही सर्वोच्च स्तर को छू सकती है जिसके बाद धीरे-धीरे नरम पड़ते हुए उसके अंत का आगाज हो जाएगा लेकिन जब कुछ राज्यों पर नजर डालते हैं तो वहां से हर दिन कोरोना केस में बेतहाशा वृद्धि हमें चिंतित करने लगी है। ग्रामीण इलाकों के कई जिले नए कोरोना केस में बड़ी भागीदारी निभा रहे हैं। ऐसे में लगता है कि भारत को कोरोना के खिलाफ अभी लंबी लड़ाई लडऩी पड़ेगी।

हर 22 दिन में डबल केस
भारत में कोरोना केस दोगुना होने में लगने वाला समय घट रहा है जबकि इटली में बढ़ रहा है। भारत में एक लाख कोरोना केस आने में 65 दिन लग गए जबकि अगले 10 लाख केस सिर्फ 59 दिन में आ गए। भारत का मौजूदा डबलिंग रेट 22 दिन का है जो दुनिया में सबसे कम है। भारत उन देशों में शुमार है जहां कोरोना केसों की संख्या जल्दी-जल्दी दोगुनी हो जा रही है। 30 जुलाई से ही भारत में प्रति दिन औसतन 58,000 कोरोना केस आ रहे हैं लेकिन अब भी पीक नहीं आया है। एसबीआई का आकलन है कि भारत में जब रिकवरी रेट 75 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा तब कोरोना का पीक भी आ जाएगा। एसबीआई ने दूसरे देशों के ट्रेंड्स देखकर यह अनुमान जताया है। अभी भारत में कोविड-19 का रिकवरी रेट 71 प्रतिशत है। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि पीक रिकवरी रेट के मुताबिक ही आए।

प्रति 10 लाख आबादी पर मृत्यु दर
एशियाई देशों में भारत प्रति 10 लाख आबादी पर मृत्यु दर के मामले में भी टॉप पर है। हालांकि यूरोप और अमेरिका में प्रति 10 लाख की आबादी पर महामारी से पीडि़त मृतकों की दर भारत के मुकाबले बहुत ज्यादा है। दुनियाभर में कोरोना केस पर नजर रखने वाली वेबसाइट वल्र्डोमीटर के अनुसारए मौजूदा वक्त में अमेरिका का प्रति 10 की आबादी पर मृत्यु दर 529 है जबकि भारत की सिर्फ 38 है। इसी तरहए कोरोना केस के मामले में दुनिया में टॉप दूसरे देश ब्राजील की प्रति 10 लाख आबादी पर मृत्यु दर 517 है जो भारत के मुकाबले बहुत अधिक है। स्पेन में यह दर 613 व पेरू में 807 की।