September 22, 2020

मंत्रियों को हर महीने जिलों में जाना होगा

संगठन को देनी होगी प्राथमिकता

विशेष संवाददाता
जयपुर, 1 सितम्बर। एक माह तक चले राजस्थान के सियासी संघर्ष के बाद प्रदेश के नेताओं के बीच तालमेल बिठाने आए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन के समक्ष गुटबाजी खुलकर सामने आई है। सचिन पायलट समर्थक वरिष्ठ विधायकों ने सरकार में कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिलने और किसानों की सुनवाई नहीं होने की बात कही। सियासी संघर्ष थमने के बाद राज्य का फीडबैक लेने आए अजय माकन के समक्ष पायलट समर्थकों के साथ ही कुछ अन्य नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को लेकर भी नाराजगी जताई। माकन ने कहा कि मंत्रियों को अब महीने में एक बार अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करना होगा। जिलों के दौरे के समय सरकारी बैठक लेने के साथ ही संगठन के लोगों से भी मंत्रियों को मिलना होगा। जिला व ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की बैठक में मंत्रियों को शामिल होना होगा। संगठन के स्तर पर प्रति माह मंत्रियों की फीडबैक बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में मंत्रियों को अपने कामकाज का विवरण प्रस्तुत करना होगा। माकन ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा जारी किए गए चुनाव घोषणा पत्र के 60 से 70 फीसदवादों पर काम हो रहा है।

पायलट समर्थकों ने जताई आपत्ति: माकन जब फीडबैक ले रहे थे तो डोटासरा उनके साथ मौजूद थे। इस पर पायलट के विश्वस्त वरिष्ठ विधायक हेमाराम चौधरी ने आपत्ति जताई। चौधरी की आपत्ति पर डोटासरा कमरे से बाहर चले गए। चौधरी के साथ ही दीपेंद्र सिंह शेखावत जैसे कई नेताओं ने माकन से कहा कि सरकार में कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिल रहा है। ब्यूरोक्रेसी हावी होने के साथ ही किसानों को राहत नहीं मिल रही है। अजय माकन से मिलकर वरिष्ठ विधायक परसराम मोरदिया बाहर निकले तो उन्होंने कहा कि मेरी ज्यादा बात नहीं हो पाई है। मैंने तो यह कहा कि मैं जहां से जीतकर आता हूं, वहां से पांच बार से कांग्रेस नहीं जीत पा रही थी और उस सीट को मैंने निकाला है। परसराम मोरदिया ने कहा कि अजय माकन से वे क्या बात करते क्योंकि बगल में गोविंद सिंह डोटासरा बैठे हुए थे। अपनी पांच दिवसीय यात्रा के तीसरे दिन माकन मंगलवार को जयपुर संभाग के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे और बुधवार को अजमेर में उस क्षेत्र के नेताओं से मिलेंगे।

कोरोना टेस्ट भी हुआ

सोमवार सुबह खासा कोठी होटल में माकन के अलावा राष्ट्रीय सचिव तरुण कुमार और विवेक बंसल का कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया। हालांकि बिना जांच के नतीजे आए उन्होंने बैठक शुरू कर दी है।

शक्ति संतुलन कायम करना बड़ी चुनौती
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि गहलोत और पायलट के बीच शक्ति संतुलन कायम करना माकन के लिए बड़ी चुनौती है। दोनों नेताओं के बीच 35 दिन तक चले सियासी संघर्ष के बाद दूरियां काफी बढ़ गई हैं। दोनों नेताओं के समर्थक एक-दूसरे को विरोधी मानकर नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। पिछले दो सप्ताह में ऐसे कई मौके आए जब गहलोत और पायलट के बीच दरार साफ देखने को मिली। कई कार्यक्रमों में गहलोत के पहुंचने की सूचना मिली तो पायलट नहीं गए और पायलट के जाने की जानकारी मिली तो गहलोत नहीं पहुंचे।