October 23, 2020

महाभारत की पवित्रता पर आंच ना आए

मुझे सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि हमने जिस पवित्र ग्रंथ को बनाने में इतनी मेहनत की, इन दोनों की नादानी की वजह से कहीं उसकी पवित्रता और श्रद्धा पर कोई आंच ना आए क्योंकि पिछले 32-33 सालों से हम लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक बने हुए हैं। हमारी किसी नादानी से वो नष्ट नहीं होना चाहिए।
सोनी टीवी के फेमस शो द कपिल शर्मा शो से शुरु हुई मुकेश खन्ना और गजेन्द्र चौहान की लड़ाई का असर अब महाभारत के बाकी एक्टर्स पर भी दिखने लगा है। शकुनी मामा का किरदार निभाने वाले एक्टर गूफी पेंटल ने अपने दिल की बात साक्षात्कार में शेयर की। साथ ही उन्होंने याद किया उन दिनों को जब महाभारत को सुपरहिट बनाने के लिए सभी किरदारों ने दिन-रात मेहनत की थी। गजेन्द्र चौहान और मुकेश खन्ना की लड़ाई पर बात करते हुए गूफी पेंटल ने कहा, ये दोनों लोग जो आपस में लड़ रहे हैं वो इतने भोले हैं कि उन्हें ये समझ नहीं आ रहा है कि इन्होंने सिर्फ महाभारत के किरदारों को निभाया है। वो असलियत में ना तो धर्मराज युद्धिष्ठिर हैं और ना ही वो भीष्म पितामह हैं। मुझे सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि हमने जिस पवित्र ग्रंथ को बनाने में इतनी मेहनत की, इन दोनों की नादानी की वजह से कहीं उसकी पवित्रता और श्रद्धा पर कोई आंच ना आए क्योंकि पिछले 32-33 सालों से हम लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक बने हुए हैं। हमारी किसी नादानी से वो नष्ट नहीं होना चाहिए। गूफी पेंटल ने आगे कहा, मुकेश खन्ना ने कपिल शर्मा के शो के बारे में जो भी कहा, वो उनका व्यक्तिगत मत था और अगर उस पर किसी को जवाब देने का हक था तो वो कपिल शर्मा की टीम और सोनी टीवी का हक था। हम लोगों में से किसी को भी मुकेश खन्ना को जवाब देने का कोई हक ही नहीं बनता है। मैं चाहता हूं कि मुकेश और गजेन्द्र आपसी मनमुटाव को भूलकर वापस दोस्त बनें और प्यार से रहें।

अर्जुन के किरदार के लिए ऐसे चुने गए थे फिरोज
महाभारत सीरियल के बारे में बात करते हुए गूफी पेंटल कहते हैं, सीरियल महाभारत का कास्टिंग डायरेक्टर मैं ही था। मुझे आज भी याद जब अर्जुन के किरदार को लेकर फिरोज खान का ऑडिशन लिया गया था और पहली बार में उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था लेकिन मुझे फिरोज खान पर पूरा भरोसा था और मुझे लगता था कि अगर पूरी दुनिया में कोई है जो अर्जुन का किरदार निभा सकता है तो वो सिर्फ फिरोज खान की है। दूसरी बार मैंने मैडम जूही चावला के सामने ही फिरोज का ऑडिशन लिया था क्योंकि उस वक्त तक जूही चावला ही द्रौपदी का किरदार निभाने वाली थी। तब जूही चावला के साथ बाकी सभी लोगों को भी लगा कि अर्जुन के रोल में फिरोज खान फिट बैठ रहा है. मुझे खुशी है कि मेरा चयन सही निकला।

कास्टिंग डायरेक्टर नाम की कोई पोस्ट नहीं
गूफी पेंटल पुराने दिनों को याद करते हुए कहते हैं, महाभारत के टाइम पर पहली बार इंडस्ट्री में कास्टिंग डायरेक्टर की पोस्ट रखी गई थी उससे पहले इंडस्ट्री में कास्टिंग डायरेक्टर नाम की कोई पोस्ट नहीं हुआ करती थी। प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और राइटर मिलकर ही किरदारों का चयन कर लिया करते थे। महाभारत के किरदारों का चयन करने के लिए मैंने करीब-करीब 3500 लोगों का ऑडिशन लिया था और 9 महीने तक हम लोग ऑडिशन करते रहे थे, उसके बाद जाकर हमने महाभारत के सारे किरदारों को फाइनल किया था। इतनी मेहनत और शिद्दत से हमने ये शो बनाया है. इसकी प्रतिष्ठा को इस तरह खराब नहीं करना चाहिए।