September 22, 2020

महामारी के चलते राजकीय व्यय में मितव्ययता बरतने के निर्देश

नए वाहन खरीद, नए कार्यालयों की स्थापना, राजकीय भोज सहित अन्य पर लगाया प्रतिबंध

जयपुर, 16 सितम्बर। राज्य सरकार ने कल एक परिपत्र जारी कर कोविड-19 महामारी के कारण राज्य के वित्तीय संसाधनों पर पडऩे वाले असाधारण प्रभाव को ध्यान में रखते हुए राजकीय व्यय में मितव्ययता बरतने के निर्देश प्रदान है। परिपत्र के अनुसार वर्ष 2020-21 के बजट की विभिन्न मदों जैसे कार्यालय व्यय, यात्रा व्यय, कम्प्यूटर अनुरक्षण, स्टेशनरी, मुद्रण एवं लेखन, प्रकाशन, पुस्तकालय तथा पत्र-पत्रिकाओं पर व्यय के लिए उपलब्ध धनराशि का व्यय इस वित्तीय वर्ष में 70 प्रतिशत तक सीमित किया जाएगा। साथ ही, पीओएल मद में स्वीकृत प्रावधान के विरूद्ध व्यय को भी 90 प्रतिशत तक सीमित किया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त, निरंजन आर्य ने बताया कि सरकार को कोविड-19 महामारी की चुनौती से लडऩे के लिए राज्य के सीमित संसाधनों का समुचित उपयोग करना होगा। उन्होंने बताया कि सभी विभागों एवं कार्यालयों में कुशल प्रबंधन अपनाते हुए मितव्ययता बरतने की आवश्यकता है। परिपत्र के अनुसार शासकीय कार्यों के लिए की जाने वाली यात्राओं को न्यूनतम रखा जाएगा। यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें आयोजित की जाएंगी। विमान किराए पर लेना तथा राजकीय व्यय पर विदेश यात्रा पर भी पूरी तरह प्रतिबंध होगा। नए वाहनों की खरीद प्रतिबंधित की गई है। कोविड-19 महामारी की रोकथाम, उपचार तथा पीडि़तों की सहायता के लिए आवश्यक सामग्री एवं उपकरण को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की मशीनरी, साज-सामान, औजार, संयत्र एवं अन्य नई वस्तुओं की खरीद नहीं की जा सकेगी। वित्तीय वर्ष 2020-21 में शत-प्रतिशत राज्य निधि से वित्त पोषित कोई भी नया कार्यालय खोलने की स्वीकृति नहीं दी जाएगी। राजकीय भोज तथा उपहार क्रय, सत्कार एवं आतिथ्य व्यय पर आगामी आदेशों तक प्रतिबंध रहेगा।