November 24, 2020

मांगें मान लो, रेल ट्रेक खाली कर देंगे

  • आंदोलनकारी गुर्जरों ने दो टूक कहा
  • 11वें दिन भी रेलवे ट्रैक पर जमे हैं प्रदर्शनकारी

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 11 नवम्बर। राजस्थान में चल रहे गुर्जर आरक्षण आंदोलन का ग्यारहवें दिन भी समाधान नहीं हो पाया है। आंदोनकारी अपनी मांगों को लेकर अब तक दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर जमे हुये हैं। आंदोलन को लेकर सोमवार को मंत्री अशोक चांदना के साथ ही हुई आंदोलनकारियों की बैठक बेनतीजा रही वहीं इस मामले को लेकर मंगलवार को करौली में गुर्जर समाज के लोगों की बैठक हुई। रेलवे ट्रैक बाधित होने के कारण इस मार्ग की ट्रेनों को डाइवर्ट करने का सिलसिला भी जारी है।
पटरियों पर बैठे आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुये हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मान ली जाती वे रेलवे ट्रैक को नहीं छोड़ेगे चाहे जो कुछ हो जाए। आंदोलनकारियों की मांगों पर बातचीत कर मसले का समाधान निकालने के लिये सोमवार को खेल मंत्री एवं जिला प्रभारी अशोक चांदना तथा गुर्जर नेताओं के बीच हुई वार्ता हुई थी लेकिन वह बेनतीजा रही। वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद मंगलवार को करौली के गुड़ला गांव स्थित मंदिर पर गुर्जर समाज की बैठक आयोजित हुई। बैठक में 12 गांवों के बैंसला गुर्जर समाज के लोग शामिल हुए। बैठक में आंदोलन की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि आंदोलन के कारण बाधित हो रहे रेलवे ट्रैक को देखते को रेलवे प्रशासन और आरपीएफ ने अब मामला दर्ज करने की तैयारी कर ली है। रेलवे ट्रैक बाधित करने वालों की पहचान कर ली गई है। रेलवे प्रशासन अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करता है तो फिर राज्य सरकार उन्हें वापस भी नहीं ले पाएगी ।

4 और ट्रेनें की रद्द, 1 को डाइवर्ट किया
उत्तर पश्चिम रेलवे ने मंगलवार और बुधवार को चलने वाली त्यौहार स्पेशल 4 और ट्रेनों को रद्द कर दिया है वहीं 2 ट्रेनों को आंशिक रद्द किया गया है तो एक का मार्ग बदला गया है। पंजाब में किसानों के और राजस्थान में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के कारण ट्रेन सेवायें गड़बड़ाई हुई है। इसका खामियाजा आम यात्री को उठाना पड़ रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुनील बेनीवाल के अनुसार किसान आंदोलन के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे ने चार ट्रेनों को 10 और 11 नवंबर को रद्द कर दिया है।