September 23, 2020

माननीयों को नहीं मिलेगी सफारी- डिजायर जैसी गाडिय़ां

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 5 सितम्बर। लंबे समय से राजनीतिक नियुक्तियों की हसरत पाले बैठे नेताओं के लिये बुरी खबर है। राजनीतिक निुयक्तियों के तहत बड़े सरकारी ओहदे के साथ ही चमचमाती ऊंची गाड़ी की तमन्ना रखने वाले नेताओं के सपनों पर सरकार ने पानी फेर दिया है। अब विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्षों को सरकारी सफारी और डिजायर जैसी गाडिय़ां नहीं मिलेंगी। उन्हें अपने ही वाहनों से काम चलाना पड़ेगा।

स्टेट मोटर गैराज विभाग ने भेजा था नई गाडिय़ों की खरीद का प्रस्ताव: दरअसल स्टेट मोटर गैराज विभाग ने दर्जा प्राप्त राज्य मंत्रियों के लिए नई गाडिय़ां खरीदने का प्रस्ताव राज्य के वित्त विभाग को भेजा था। विभाग का कहना था की नई गाडिय़ों की कमी चल रही है। पुरानी गाडिय़ां जर्जर हैं। ऐसी स्थिति में और नई गाडिय़ा खरीदने के लिए विभाग को बजट दिया जाएण् लेकिन वित्त विभाग ने बजट स्वीकृति देने से इनकार कर दिया। मोटर गैराज विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे माननीयों को अब अपनी ही गाड़ी से काम चलाना पड़ेगा। जिन विभागों में नियुक्ति होती है उन विभागों की आय से नई गाडिय़ा खरीदी जा सकती है। राज्य के विभिन्न बोर्ड और आयोगों में करीब 54 राजनीतिक नियुक्तियां होनी हैं। राज्य में सत्ता परिवर्तन होने के बाद पिछली सरकार के समय हुई राजनीतिक नियुक्तियों के स्थान पर गहलोत सरकार को नई राजनीतिक नियुक्तियां करनी हैं लेकिन प्रदेश में चले सियासी संकट की वजह से सरकार राजनीतिक नियुक्तियां नहीं कर पाई थी। ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही सरकार राजनीतिक नियुक्तियां करके अपने समर्थकों को मलाईदार पद दे सकती है।