Sat. Jan 25th, 2020

मुंबई वनडे में हार के बाद टीम इंडिया के सामने कई सवाल

ऑस्टेलिया की बेहतर तैयारी, भारत को गेंदबाजी मजबूत करने की जरूरत

मुंबई (एजेंसी)। ऑस्ट्रेलिया के हाथों पहले वनडे में मिली 10 विकेट से करारी शिकस्त को टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के लिए वेक-अप कॉल कहा जा सकता है। भारत को वनडे में उसकी पिछली 3 हार उसे वल्र्ड कप-2019 में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और अब ऑस्ट्रेलिया से मिली।
कहां है दिक्कत : यह क्या सुझाव देता है? क्या इसका मतलब है कि भारतीय टीम वेस्टइंडीज, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी टीमों के खिलाफ क्रिकेट खेलना चाहती है और फिर बेहतर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ संघर्ष करती है? मैनचेस्टर में वल्र्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारने के बाद 50 ओवर फॉर्मेट में उसके एकमात्र विरोधी टीम वेस्ट इंडीज थी, घरेलू मैदान पर विदेशी पर भी। इसके अलावा टीम इंडिया केवल टेस्ट और टी20 खेल रही है। ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ मुकाबले को शायद कड़ी परीक्षा की जरूरत थी।

ऑस्ट्रेलिया ज्यादा तैयार : ऑस्ट्रेलियाई टीम के ज्यादातर खिलाड़ी वनडे के लिए तैयार थे, बावजूद इसके कि उन्होंने जुलाई 2019 के बाद से कोई एकदिवसीय मुकाबला नहीं खेला था। ऑस्ट्रेलिया ने एशेज सीरीज खेली, फिर पाकिस्तान और न्यू जीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज भी खेली। बल्लेबाज फॉर्म में थे, और गेंदबाज भी मैच के लिए फिट। यदि आप ऑस्ट्रेलियाई पेसर पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और केन रिचर्ड्सन को देखें तो पता चलेगा कि वे भारतीयों को किस तरह परेशान कर रहे थे।

भारतीय गेंदबाजी में दम नहीं : भारत ने जसप्रीत बुमराह को मैदान में उतारा, जो जुलाई में न्यूजीलैंड से भारत की सेमीफाइनल हार के बाद पहली बार एकदिवसीय मैच खेल रहे थे। चयनकर्ताओं और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली के बीच बातचीत के बाद उन्हें गुजरात और केरल के बीच रणजी ट्रोफी मैच से हटना पड़ा। हालांकि बुमराह ने श्रीलंका के खिलाफ टी-20 सीरीज में 4 ओवर किए, लेकिन अच्छे बल्लेबाजों के खिलाफ वह गेंदबाजी के लिए फिट नजर नहीं आए। गुजरात का यह पेसर दमखम नहीं दिखा सका और डेविड वॉर्नर और आरोन फिंच ने काफी अच्छे शॉट उनकी गेंदों पर लगाए।

आईपीएल से विदेशियों को फायदा : वे कौन से विदेशी खिलाड़ी हैं, जो आमतौर पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में शानदार प्रदर्शन करते हैं? वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलियाई। आरोन फिंच, वॉर्नर, स्टीव स्मिथ, पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, टर्नर.. ये सभी आईपीएल में खेल चुके हैं। फिंच, वॉर्नर और स्मिथ तो अपनी-अपनी फ्रैंचाइजी के लिए टॉप परफॉर्मर रहे हैं। इससे भारतीय टीम घरेलू मैदान होने का फायदा उठाती नहीं नजर आती है। वॉर्नर सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हैं, और इस तरह उप्पल उनका घरेलू मैदान है जहां विकेट धीमा है। उन्होंने मंगलवार को जो नियंत्रण दिखाया, वह उसी का नतीजा है, जो उन्होंने आईपीएल में नेट्स में राशिद खान जैसे गेंदबाजों को खेलकर अनुभव हासिल किया।

फिर दोहराया वर्ल्ड कप : इंग्लैंड में खेले गए वल्र्ड कप के दौरान भारतीय टीम को उसके मिडिल ऑर्डर और नंबर 4 की पहचान करने में असमर्थ रहने से काफी संघर्ष करते देखा गया। वे अभी उसी नाव में हैं। धवन के पूरी तरह से फिट, रोहित शर्मा के उपलब्ध और राहुल के फॉर्म में होने के कारण भारत इस दुविधा में था और उसने तीनों सलामी बल्लेबाजों, धवन, रोहित और राहुल को मौका दिया। इससे उनकी खुलकर खेलने की आजादी छिनी सी लगी, जिसके साथ वे आमतौर पर खेलते हैं क्योंकि किसी भी हार को उनमें से एक को टीम से बाहर होने की वजह के तौर पर दिखाया जाएगा। धवन ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी जगह सबसे कमजोर नजर आती है। उन्होंने मुंबई वनडे में 91 गेंदों पर 74 रन बनाए लेकिन उन्होंने 56 डॉट बॉल खेलीं। राहुल की 61 गेंदों में 47 रन में 28 डॉट बॉल शामिल रहीं।

नंबर 4 पर कोहली, नहीं बना काम : राहुल और धवन दोनों को शामिल करने का मतलब था कि कोहली नंबर 4 पर आएं, एक ऐसा नंबर जिस पर उतरते हुए उन्होंने 7 शतक और 55 से ज्यादा की औसत से रन बनाए हैं, लेकिन 2014 के बाद से वह इस पर 16 से ज्यादा नहीं बना सके। इतना ही नहीं, 2016 से पहले नंबर 4 पर आते हुए वह अपनी पांच पारियों में 7, 12, 11, 3 नॉट आउट, 4 और 9 रन ही बना सके। मनीष पांडे से भी कोई फायदा नहीं लिया गया, जो सितंबर 2018 में एशिया कप के बाद से नहीं खेले। इसका मतलब यह भी था कि अय्यर, जिन्होंने पिछली सीरीज़ में नंबर 4 पर इतना अच्छा प्रदर्शन किया था, उन्हें दबाव में बल्लेबाजी करनी पड़ी। अय्यर और ऋषभ पंत शायद ही कभी उन परिस्थितियों में रहे हों, जैसा टीम ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए मुकाबले में खुद को पाया। पंत एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। उन्हें और कितने मौके दिए जाएंगे।

परेशान होने का भी समय नहीं : मैच के बाद जब कप्तान कोहली से पूछा गया कि क्या वह नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते रहेंगे तो उन्होंने कहा कि मुझे प्रयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए। मुझे लगता है कि लोगों को एक मैच से घबराने की जरूरत नहीं है, मुझे थोड़ा प्रयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए, चाहें असफल ही हो।