November 24, 2020

मुश्किल में पड़ सकती है कांग्रेस

मेयर चुनाव मुद्दे पर मुस्लिम संगठन का प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धरना

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 7 नवम्बर। नगर निगम चुनाव में ज्यादा से ज्यादा मेयर बनाने की रणनीति में जुटी कांग्रेस के सामने अब एक नई मुश्किल आ गई है। प्रदेश के जयपुर, जोधपुर और कोटा में कहीं भी मुस्लिम पार्षद को मेयर प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से मुस्लिम समुदाय से जुड़े कई नेताओं की नाराजगी सामने आई है। कांग्रेस के इस रवैये से खफा मुस्लिम समुदाय के एक संगठन ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है। वहीं कांग्रेस जिन निर्दलीय पार्षदों के अपने खेमे में आने का दावा कर रही है,उनमें से एक मुस्लिम पार्षद ने इससे साफ इनकार कर दिया है। अगर मामला तूल पकड़ा तो कांग्रेस को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जयपुर में मुस्लिम प्रोग्रेसिव फोरम ने इस बात को लेकर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धरना दिया। धरना फोरम के अध्यक्ष मोहम्मद शरीफ की अगुवाई में दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज 98 फीसद वोट कांग्रेस को देता है। इसके बावजूद मुस्लिम समुदाय को पहले भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया। उल्लेखनीय है कि जयपुर ग्रेटर में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला हुआ है। वहीं हेरिटेज के कुल 100 वार्डों में से कांग्रेस ने 47 में और भाजपा ने 42 वार्डों में जीत दर्ज करवाई है। यहां उसे बोर्ड बनाने के लिये महज चार पार्षदों की जरुरत है। कांग्रेस ने आठ निर्दलीय पार्षद के उनके साथ होने का दावा किया था लेकिन एक निर्दलीय पार्षद के इससे इनकार कर दिए जाने और मुस्लिम प्रोग्रेसिव फोरम के विरोध के कारण संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हेरिटेज निगम क्षेत्र में अल्पसंख्यक पार्षद अच्छी संख्या में जीते हुए हैं।
गौरतलब है कि राजस्थान के तीन बड़े शहरों के 6 नगर निगम में 10 नवंबर को होने वाले महापौर के चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा ने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। उम्मीदवारों ने नामांकन कर दिये। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर जोधपुर उत्तर से कुंती परिहार व दक्षिण से पूजा पारीक को उम्मीदवार बनाया है। इसी तरह जयपुर शहर में कांग्रेस ने गुर्जर कार्ड खेला है।