Fri. Mar 22nd, 2019

म्हारी हाजरी माण्ड ले बाबा भूल जा जे ना…

खाटूश्यामजी (निसं.)। नंगे पांव, हाथों में रंग बिरंगे निशान, जुबां पर बाबा श्याम का नाम, ना कोई थका, बस मन में लखदातार की आस। कुछ ऐसा ही नजारा बना हुआ विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी खाटूधाम का। विश्व विख्यात फाल्गुनी मेले में नवमी शुक्रवार को लाखों श्याम श्रद्धालुओं ने शीश नवांकर बाबा के दर्शन किए। खाटूधाम की ओर आने वाली सभी गलियां अब श्याम रंग मे रंगी हुई है। बाबा श्याम की आस्था लेकर श्याम भक्त जब हारे के सहारे के दरबार के सामने पहुंचते ही मुख निकल पडता है कि किसने सजाया आपको सांवलिया सरकार…जैसे श्याम भजन के साथ आगे बढ़ते है और जैसे ही कोसों दूर पैदल चलने के बाद मंजिल पर पहुंचते ही बाबा श्याम की मनमोहक सुरत देखते ही यकायक श्याम भक्त बोल उठते है कि थै बण्या दूज का चांद बाबा नजर कदै ना लाग, म्हारी हाजरी मांड ले बाबा भूल जा जे ना…।भजन के साथ दर्शन कर अपने व अपने परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे है।वहीं धर्मशालाओं, पांडालों में स्वयंसेवी संस्थाएं बाबा श्याम का अलौकिक दरबार सजाकर भजन संध्याओं का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भजन गायक भजनों की प्रस्तुति दे रहे है। श्याम बाबा के लक्खी मेले में जहां देश के कोने-कोने से श्याम भक्त दर्शन को आ रहे है। वहीं मेले मे विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति भी झलक रही है। जिसमें श्याम भक्तों का परिवेश, खान-पान, रहन-सहन से लोग परिचित होते नजर आ रहे है। इस तरह बाबा श्याम का फाल्गुनी मेला भारतीय संस्कृति का समावेश दिखाई दे रहा है।
नि:शुल्क चिकित्सा शिविर शुरू: मेले में श्री श्याम सत्संग मण्डल रजि.मुम्बई द्वारा संचालित नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष ऋतु पुजारी व भाजपा नेता पवन पुजारी ने किया। लखदातार के मेले में आने वाले श्याम भक्तों व पदयात्रियों की सेवा के लिए शिविर लगाया गया है। शिविर के शुभारंभ पर बाबूलाल परसरामपुरिया, श्री राम निरंजन अग्रवाल, विजय डालमिया, ओम प्रकाश तिवाड़ी सहित अनेक लोग मौजूद थे।इस अवसर पर नपा अध्यक्ष पुजारी ने कहा कि बाबा के मेले मे बीमार की सेवा करना पुनीत कार्य है।
भण्डारों मे हो रही है भक्तों की मनुहार: मेले में रींगस से खाटूधाम के बीच पग-पग पर लगे भण्डारों मे पदयात्रा आने वाले श्याम भक्तों की मान मनुहार करने मे कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। भण्डारों में धार्मिक संस्थाओं द्वारा श्याम भजनों के साथ अल्पाहार, भांति-भांति के व्यंजन, विश्राम, थकान होने पर मालिस इत्यादि की व्यवस्था की गई है, जिसमें श्याम भक्तों को सेवा की जा रही है।