October 23, 2020

राजस्थान की 41 जेलों में पहुंच चुका कोरोना संक्रमण

जांच के लिए अभी नहीं मिले उपकरण

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 19 सितम्बर। प्रदेश की अभेद्य समझी जाने वाली जेलों में भी कोरोना संक्रमण अपना रौद्र रूप दिखा चुका है। आलम यह है कि प्रदेश की 41 जेलों तक कोरोना संक्रमण दस्तक दे चुका है। इन जेलों में कैदी और बंदी दोनों ही संक्रमित पाए गए हैं वहीं दूसरी ओर जेल महकमे को कोरोना संक्रमण जांच उपकरण और बंदियों का तापमान नापने के लिए थर्मल स्कैनर अभी तक नहीं मिल पाए हैं। राजस्थान में वर्तमान में 14 सेंट्रल जेल,24 जिला जेल, 60 सब जेल तथा 29 खुली जेल हैं। इन जेलों में करीब 20 हजार कैदी बंद हैं। यूं तो बाहरी प्रवेश बंद होने के कारण जेलें अति सुरक्षित मानी जाती है लेकिन कोरोना वायरस अभेद्य जेलों को भी पार कर गया। जेल में आने वाले बंदियों या स्टाफ के साथ वायरस अंदर प्रवेश कर गया। जेल में संसाधन सीमित होने के कारण बंदियों और स्टाफ में फैलते कोरोना संक्रमण को लेकर महकमा खासा चिंतित है।

अब तक हो चुका यह
जयपुर जिला जेल में 13 मई को पहला कोरोना संक्रमित बंदी मिला था। इसके बाद कोरोना संक्रमण प्रदेश की 41 छोटी-बड़ी जेलों में जा पहुंचा। बंदियों के साथ स्टाफ, जयपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक राकेश मोहन शर्मा से लेकर डीजी जेल बीएल सोनी तक संक्रमित हो चुके हैं। जेलों में अब तक 1435 बंदी-स्टाफ संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 1379 बंदी तथा 56 स्टाफ शामिल है। राहत की बात यह है कि कुल संक्रमितों में 1092 पॉजिटिव से निगेटिव आ चुके हैं। इनमें 1045 बंदी तथा 47 स्टाफ निगेटिव हुए। फिलहाल 334 बंदी तथा 9 स्टाफ सक्रिय चल रहे हैं। 41 में से 20 जेलें कोरोना मुक्त हो चुकी हैं। केवल 21 जेलों में सक्रिय संक्रमित बचे हैं। सबसे ज्यादा अजमेर सेंट्रल जेल में 240 चपेट में आए थे जिनमें 59 ही सक्रिय बचे है। जयपुर सेंट्रल जेल में 135 में से 9 और जयपुर जिला जेल में 154 में से एक ही सक्रिय संक्रमित बचे हैं। जेलों में बंदियों के शरीर का तापमान जांच के लिए 161 थर्मल स्कैनरमांगे गए थे।