November 30, 2020

राजस्थान में पढ़ाई कर चुका है हिजबुल का नया कमान्डर

आतंकी संगठन ने जुबैर अहमद वानी उर्फ अबु उबैदा को बनाया चीफ

श्रीनगर, 6 नवम्बर (एजेंसी)। हिजबुल मुजाहिदीन ने सैफुल्ला मीर के मारे जाने के बाद अबु उबैदा नामक आतंकी को कश्मीर घाटी में आपरेशनल चीफ कमांडर बनाया है। मुसैब उल इस्लाम को उसका डिप्टी बनाया गया है। अलबत्ता, सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। यह दोनों के कोड नाम हैं और आतंकी संगठन अपने कमांडरों को बचाने के लिए असली नाम बताने से हिचक रहा है। माना जा रहा है कि कुख्यात जुबैर अहमद वानी ही अबु उबैदा है और फारूक अहमद उसका डिप्टी है। रविवार को सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के रंगरेथ में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सैफुल्ला मीर उर्फ गाजी हैदर को मुठभेड़ में मार गिराया था। हिजबुल के एक के बाद एक कमांडर मारे जा रहे हैं और दक्षिण कश्मीर में लगभग हिजबुल का सफाया होता जा रहा है। इससे पूर्व मई माह में उसके शीर्ष कमांडर रियाज नाइकू को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया था। नाइकू के बाद सैफुल्ला छह माह भी नहीं निकाल पाया। लगातार अपने कमांडरों के मारे जाने से हिजबुल का कैडर निराश हो चुका है। सूत्रों ने बताया कि इस वजह से हिजबुल ऐसे चेहरे की तलाश में है जो संगठन को फिर से खड़ा कर सके। सुरक्षाबलों की सख्ती के कारण आतंकी संगठन की राह मुश्किल होती जा रही है।
इस मसले पर गुलाम कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में हिजबुल मुजाहिदीन की कमांड काउंसिल की बैठक में चर्चा हुई। सलाहुदीन की मौजूदगी में कथित तौर पर अबु उबैदा व मुसैब उल इस्लाम को आपरेशनल चीफ व डिप्टी चीफ कमांडर घोषित कर दिया गया। हिजबुल मुजाहिदीन अकसर अपने कमांडरों को बचाने के लिए उन्हेंं कोड नाम से संबोधित करता है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है।

कौन है जुबैर वानी
अनंतनाग जिले के गांव देहरुना का रहने वाला जुबैर अप्रैल 2018 में आतंकी बना था। आतंकी संगठन में सक्रिय होने से पहले वह पढ़ाई के नाम पर वीजा लेकर पाकिस्तान गया था, लेकिन वहां हिजबुल मुजाहिदीन के एक ट्रेनिंग कैंप में पहुंच गया। भोपाल से एमए के बाद उसने राजस्थान में एफफिल की और देहरादून में पीएचडी के लिए दाखिला लिया। इसी दौरान बीमार पडऩे पर घर लौटा और जम्मू कश्मीर में अध्यापक बनने के लिए आवेदन भी किया। इस बीच वह घर से भाग गया और फिर इंटरनेट मीडिया पर उसके आतंकी बनने का एलान कर दिया। वह जमात से जुड़ा रहा है। जुबैर इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय रहने के साथ क्रूर भी है। दो साल पूर्व सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव से निपटने के लिए अल-बदर के कमांडर अरजमंद के साथ मिल पुलिसकर्मियों व उनके परिजनों को अगवा किया था।