September 20, 2020

राजस्थान में प्लाज्मा डोनर का टोटा

सांसत में है कोरोना पीडि़़तों की जान

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 15 सितम्बर। प्रदेश में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के कारण पॉजिटिव मरीजों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की प्रदेश स्तरीय रिपोर्ट को देखें तो सामने आता है कि 12 सितंबर तक महज 11 दिनों में ही प्रदेश में 18 हजार से अधिक पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। हालांकि कोरोना से रिकवर होने वालों की संख्या भी प्रदेश में 80 हजार से ज्यादा पहुंच गई है लेकिन कोरोना का भय और जागरुकता की कमी के कारण प्लाज्मा डोनेट करने वालों की संख्या सीमित है।

संख्या नहीं बढ़ पा रही है
चिकित्सकों के अनुसार माइल्ड सिम्टम वाले मरीजों के लिए प्लाज्मा काफी उपयोगी है लेकिन जैसे जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है उस लिहाज से प्लाज्मा डोनेट करने वालों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। यही कारण है कि अब प्लाज्मा के लिए कोरोना पीडि़तों के परिजनों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि हालांकि कोरोना से रिकवर हुए पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और बीएसएफ के जवानों के अलावा अन्य प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं लेकिन जिस अनुपात में प्लाज्मा की जरुरत है वो डोनेट नहीं हो रहा है।

164 मरीज ठीक
चिकित्सकों के अनुसार क्रिटिकल और वेंटीलेटर की स्थिति वाले मरीजों के लिए प्लाज्मा थैरेपी कारगर नहीं हैं लेकिन शुरुआती स्तर पर ही मरीज को प्लाज्मा मिल जाए तो उसे क्रिटिकल कंडीशन में जाने से बचाया जा सकता है। एसएमएस अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अजित सिंह के अनुसार एसएमएस में 166 में से 164 मरीज प्लाज्मा के चलते ठीक हो गए हैं। चिकित्सकों का मानना है कि डर के कारण लोग आगे नहीं आ पा रहे हैं लेकिन उनको समझना होगा कि प्लाज्मा देने से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है। चिकित्सकों का यह भी कहना है कि कोरोना से ठीक होने वाले लोग महज चार महीने तक ही प्लाज्मा डोनेटे कर सकते हैं।

अभी और मामले बढ़ सकते हैं
प्रदेश में कोरोना मरीजों की बेतहाशा वृद्धि अब चिंता का कारण बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी और तेजी से मामले बढ़ सकते हैं। ऐसे में सरकार और आम लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है। जरुरत इस बात की है कि जो कोरोना से रिकवर हो चुके हैं वे लोग प्लाज्मा डोनेट कर दूसरों की मदद के लिए आगे आएं।