September 21, 2020

राज्यपाल ने पेश किया 15 सूत्री कार्यक्रम

प्रदेश में बाल विवाह रोकने, जनजातीय क्षेत्रों में बालिकाओं को पढ़ाने पर दिया जोर

जयपुर, 10 सितंबर। राज्यपाल कलराज मिश्र को कल राजस्थान में राज्यपाल पद पर एक साल पूरा हो गया है। राज्यपाल ने इस उपलक्ष्य में मीडिया से ऑनलाइन वार्ता करते हुए अपने विगत एक वर्ष में राज्य में किए कार्यो और उपलब्धियों को प्रेस के साथ साझा किया। राज्यपाल ने आने वाले वर्षों में उनके द्वारा तय की गई प्राथमिकताओं के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि वे चाहते है कि राज्य का सर्वागींण विकास हो। इसके लिए उन्होने 15 सूत्री कार्यक्रम बनाया है। मुख्य रूप से प्रदेश में बाल विवाह रोकने और जनजातिय क्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों में बालिकाओं व महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। 15 सूत्रों कार्यक्रम में राज्यपाल ने बालक, बालिका, युवा, महिलाओं सहित उच्च शिक्षा के उन्नयन, वर्षा जल के संग्रहण, स्वस्थ राजस्थान और विलुप्त होती लोक कलाओं के सहजने की कार्य योजना को भी समाहित किया है। राज्यपाल ने राजस्थान को बाल विवाह मुक्त बनाने तथा जनजातीय क्षेत्रों में प्रत्येक बालिका को कम से कम 18 वर्ष की आयु तक अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था को प्राथमिकताओं में शामिल किया है। राज्यपाल ने कहा है कि ‘रोजगार आपके द्वार’ के तहत रोजगार वैन चलाकर कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से राजस्थान में कम से कम 10 रोजगार मेलों का आयोजन कराया जाएगा। विशेष जरुरत वाले बच्चों के संबंध में भारत सरकार की वर्तमान योजनाओं के क्रियान्वयन पर सर्वे तथा संभाग एवं जिले स्तर पर सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। साथ ही सामान्य अस्थि संबंधी दिव्यांगों की सुधारात्मक सर्जरी की व्यवस्था भी कराई जाएगी। नीति आयोग द्वारा शुरू किए कार्यक्रम के अन्तर्गत एशपिरेशनल डिस्ट्रिक्ट (आकांक्षी जिलों) की भारत सरकार के दिशा निर्देशाअनुसार निगरानी एवं पर्यवेक्षण की रणनीति तैयार की जाएगी।