September 19, 2020

राज्यपाल मिश्र आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का कार्य कर रहे हैं: मुख्यमंत्री

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 9 सितंबर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि राजस्थान अभूतपूर्व है। राजस्थान देव, शौर्य, कला, स्थापत्य व हेरीटेज की भूमि है। यहां का मरूस्थल एक समय सागर था। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को संवैधानिक आधार पर कार्य करना होता है। राज्य सरकार राज्य के सर्वागींण विकास के लिए कार्य करती है। राज्यपाल व राज्य सरकार के समन्वय से राज्य का चतुर्दिक विकास बेहतर तरीके से होता है। राज्यपाल मिश्र मंगलवार को यहां राजभवन में उनके एक वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल कलराज मिश्र के स्वर्णिम एक वर्ष पर प्रकाशित नई सोच-नए आयाम पुस्तक का लोकार्पण मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने किया।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्यपाल मिश्र में आत्मीयता का भाव बेमिसाल है। मिश्र लीक से हटकर कार्य करना पसन्द करते हैं। उनका व्यक्तित्व व कृतित्व तारीफ के काबिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिश्र ऐसे राज्यपाल हैं, जो स्वयं आगे से मुझे फोन करते हैं। प्रदेश की चिंता करते हैं। उन्होंने कोरोना काल में विधायकों व जिला कलक्टर तक से बात की। राज्यपाल की संवेदनशीलता, उनका व्यवहार और व्यक्तित्व श्रद्धा के काबिल है। विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने कहा कि राज्यपाल मिश्र प्रदेश के मार्ग दर्शक हैं। उनकी प्रेरणा से प्रदेश प्रगति कर रहा है। समारोह में मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका, विधानसभा के सचिव प्रमिल कुमार माथुर और राज्यपाल के पुत्र अमित मिश्र, सचिव सुबीर कुमार व गोविन्द राम जायसवाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।