Fri. Aug 7th, 2020

राज्यपाल सक्रिय, सीएम सत्र बुलाने की तैयारी में

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 20 जुलाई। राजस्थान में चल रहे सियासी संघर्ष के बीच अब राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधि विशेषज्ञों से सलाह लेना शुरू किया है। राज्यपाल मिश्र प्रदेश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। राजभवन सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने प्रदेश के विधि विशेषज्ञों से चर्चा करने के साथ ही दिल्ली के बड़े वकीलों एवं संविधान विशेषज्ञों से भी टेलिफोन पर संपर्क में हैं। प्रदेश के घटनाक्रम को लेकर राज्यपाल केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजने की भी तैयारी कर रहे हैं। उधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इसी सप्ताह विधानसभा सत्र बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष डा.सी.पी.जोशी से चर्चा की है। विधानसभा सत्र बुलाकर गहलोत बहुमत साबित करेंगे। शनिवार रात राज्यपाल से मुलाकात कर गहलोत ने 102 विधायकों की सूची उन्हे सौंपी और यह बताया था कि उनके पास पूरा बहुत है। वे विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना चाहते हैं। इसके बाद रविवार को राज्यपाल ने अपने स्तर पर विशेषज्ञों से सलाह की। गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष को भी इस बारे में बताया है। विधानसभा सत्र बुलाकर गहलोत सचिन पायलट को झटका देने की तैयारी कर रहे हैं। सीएम के निकटस्थों के अनुसार विधानसभा में बहुमत साबित कर गहलोत ये दिखाना चाहते हैं कि विधायकों पर उनकी पकड़ मजबूत है। इसके अलावा वोटिंग के जरिए उन विधायकों को भी अपने खेमे में शमिल कर सकते हैं जो इस बात को लेकर पूरी तरह साफ नहीं है उन्हे किस खेमे में जाना है। सीएम खेमे का मानना है कि सत्र बुलाने से बागी विधायक भी फ्लोर टेस्ट में भाग ले सकते हैं।

जवाब कल तक
स्पीकर ने पहले से ही सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को सदस्यता खत्म करने को लेकर नोटिस दे रखा है। बागी विधायकों को इस नोटिस का जवाब मंगलवार शाम तक देना है। इससे पहले सोमवार को हाईकोर्ट में बागी विधायकों द्वारा दायर की गई याचिका पर निर्णय आ सकता है। गहलोत खेमे का मानना है कि यदि हाईकोर्ट बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त नहीं करता है तो स्पीकर मंगलवार को इनका जवाब मिलने के बाद सदस्यता समाप्त कर सकते हैं। ऐसे में फ्लोर टेस्ट में सीएम आसानी सेे बहुमत कर देंगे। इससे पायलट को झटका लगेगा।

विधानसभा का समीकरण
200 सदस्यीय विधानसभा में स्पीकर को मिलाकर कांग्रेस के 106 विधायक हैं। इनमें से 19 विधायक सचिन पायलट के साथ हैं। राष्ट्रीय लोकदल के 1 विधायक गहलोत सरकार में मंत्री हैं। भारतीय ट्राइबल पार्टी के 2 विधायकों ने गहलोत को समर्थन की घोषणा की है। 13 में से 10 निर्दलीय गहलोत के साथ हैं। वहीं 3 निर्दलीय पायलट के समर्थन में हैं। माकपा के 2 में से एक विधायक गहलोत और 1 पायलट के साथ हैं। भाजपा के 72 विधायक हैं। एनडीए के सहयोगी दल रालोपा के 3 विधायक भाजपा के साथ हैं। कुल मिला कर एनडीए के 75 विधायक हैं।