September 19, 2020

राधा अष्टमी पर आज शहर के कई मंदिरों में कार्यक्रम

गोविंददेवजी मंदिर में मुख्य आयोजन

जयपुर, 26 अगस्त। भाद्रपद शुक्ल अष्टमी पर आज पूरे शहर के मंदिरों में राधा अष्टमी मनाई जा रही है। राधा अष्टमी का मुख्य आयोजन गोविंददेवजी मंदिर में किया जा रहा है। इस मौके पर मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में सुबह 4.45 से 5 बजे तक तिथि पूजा हुई, जिसके बाद प्रियाजी का 21 लीटर दूध, 11 किलो दही, 1 किलो घी, 5 किलो बूरा और 500 ग्राम शहद से तैयार पंचामृत से अभिषेक किया। इस दौरान गोविंद मिश्र वेद पाठ किए। ठाकुरजी और किशोरीजी को पीली पोशाक धारण कराकर विशेष अलंकरण धारण करवाया गया। फूलों के श्रृंगार के साथ छप्पन भोग की झांकी सजाई तथा राधा रानी को पंजीरी के लड्डू, मावे की बर्फी और पंजीरी का विशेष भोग लगाया लगाया।
इतना ही नहीं शहर के अन्य मंदिरों जैसे पुरानी बस्ती स्थित मंदिर श्री राधा गोपीनाथजी में भी आज राधा अष्टमी मनाई ओर राधे रानी का जन्माभिषेक किया। जगतपुरा के अक्षय पात्र स्थित मंदिर श्री कृष्ण बलराम में भी धूमधाम से राधाष्टमी मनाई जा रही है। इस मौके पर मंदिर में विशेष प्रवचन हुए। श्रद्धालुओं ने राधा रानी के ऑनलाइन दर्शन किए। रामगंज बाजार स्थित मंदिर श्री लाडलीजी में आज सुबह 5.30 बजे राधाजी का जन्माभिषेक हुआ और सुबह 9 बजे पालना झांकी सजाई।
ठाकुरजी को पीत रंग की पोशाक व अलंकार धारण करवा कर शृंगार किया गया। इसके बाद धूप झांकी में चरण दर्शन, 9 बजे वृषभानु दुलारी पालना दर्शन भक्तों को सोशल मीडिया के माध्यम से करवाए गए। अपराह्न एक बजे से उछाल, बधाई व वात्सल्य पदों का गायन होगा। अपराह्न 3 बजे से हेरी समाज व ग्वारिया समाज आदि कार्यक्रम होंगे। शाम 7 बजे भक्ति संगीत व बधाई गान होगा।
चांदनी चौक स्थित देवस्थान विभाग के ब्रजनिधि मंदिर में सुबह 5.30 बजे पुजारी भूपेन्द्र कुमार रावल के सान्निध्य में राधाजी का जन्माभिषेक किया गया। ठाकुरजी को पीली पौशाक धारण करवा कर शृंगार किया गया। भोग आरती में विशेष व्यंजनों का भोग लगाया गया। कोरोना के कारण इस बार बड़ा आयोजन नहीं हुआ।