November 25, 2020

राष्ट्रपति पद से हटने के बाद ट्रंप पर आ सकती है मुसीबत

जा सकते हैं जेल!

वाशिंगटन, 11 नवम्बर (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और अमेरिका की जनता ने जो बाइडेन को अपना राष्ट्रपति चुन लिया है। डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद के अपने दूसरे कार्यकाल के लिए वापसी नहीं कर सके लेकिन ये महज उनकी चुनावी हार नहीं है। उन्हें आगे और भी मुश्किलें हो सकती हैं। राष्ट्रपति पद से हटते ही वह जेल भी जा सकते हैं। खबर के अनुसार विशेषज्ञों के मुताबिक उनके कार्यकाल में हुए कथित घोटालों की जांच से पता चलता है कि उन्हें राष्ट्रपति पद से हटने के बाद आपराधिक कार्यवाही के अलावा मुश्किल वित्तीय स्थिति का भी सामना करना पड़ सकता है। राष्ट्रपति पद पर रहते हुए उनके खिलाफ आधिकारिक कार्र्यों के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है। पेस यूनिवर्सिटी में कॉनस्टीच्यूशनल लॉ के प्रोफेसर बैनेट गर्शमैन ने कहा कि इस बात की संभावना है कि डोनाल्ड ट्रंप पर आपराधिक मामले चलाए जाएंगे। प्रोफेसर बैनेट गर्शमैन ने न्यूयॉर्क में एक दशक तक अभियोक्ता के तौर पर सेवाएं दी हैं।गर्शमैन ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप पर बैंक धोखाधड़ी, कर धोखाधड़ी, मंडी लॉन्ड्रिंग, चुनावी धोखाधड़ी जैसे मामलों में आरोप लग सकते हैं। उनके कामों से जुड़ी जो भी जानकारी आ रही है वो वित्तीय हैं।

मामला सिर्फ यहां तक सीमित नहीं
हालांकि मामला सिर्फ यहां तक सीमित नहीं है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप को भारी वित्तीय घाटे का सामना भी करना पड़ सकता है। इनमें बड़े पैमाने पर निजी कर्ज और उनके कारोबार की मुश्किलें शामिल हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अगले चार सालों में ट्रंप को 30 करोड़ डॉलर से ज्यादा का कजऱ् चुकाना है। वो भी ऐसे समय पर जब उनके निजी निवेश बहुत अच्छी स्थिति में नहीं हैं। हो सकता है कि ट्रंप के राष्ट्रपति न रहने पर लेनदार कर्र्ज के भुगतान को लेकर बहुत कम नरमी दिखाएं। डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक कहते हैं कि उनका राष्ट्रपति पद पर होना उनकी कानूनी और वित्तीय समस्याओं में उनका कवच बन गया है। अगर ये सब नहीं रहेगा तो उनके मुश्किल दिन आ सकते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ये दावा करते आए हैं कि वो अपने दुश्मनों की साजिशों का शिकार हुए हैं। उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति बनने से पहले और पद पर रहते हुए भी अपराध किए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया है। साथ ही वे ये भी बताते हैं कि उनके प्रशासन पर लगे घोटालों के आरोपों की न्याय विभाग की जांच और इस साल की शुरुआत में उन पर चलाए गए महाभियोग से वो सफलतापूर्वक बरी हो गए लेकिन, ये सभी जांच और प्रक्रियाएं राष्ट्रपति को अभियोग से मिली सुरक्षा के दौरान हुई थीं।