Mon. Oct 21st, 2019

रियल एस्टेट में एनआरआई का बड़ा दांव

बढ़ रहा जमीन जायदाद का बाजार

इंदौर, (एजेंसी)। घरेलू प्रॉपर्टी मार्केट में प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की दिलचस्पी बढ़ी है। उन्हें लगता है कि पिछले कुछ वर्षों से जमीन-जायदाद का भारतीय बाजार पहले के मुकाबले ज्यादा पारदर्शी हुआ है, खास तौर पर साल 2014 के बाद से जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई। इस दौरान सरकार ने कई कानूनी प्रावधानों के जरिए रियल एस्टेट सेक्टर की खामियां दूर करने के भरसक प्रयास किए हैं। देश के रियल एस्टेट सेक्टर में फिलहाल कुल निवेशका तकरीबन आधा हिस्सा खाड़ी देशों में रह रहे एनआरआई की तरफ से आ रहा है। इनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ओमान, कुवैत, कतर और बहरीन शामिल हैं। इसके अलावा अच्छा-खासा निवेश उत्तरी अमेरिका, कनाडा, यूरोप के कुछ देशों और पूर्वी एशिया के देश, मसलन सिंगापुर, मलेशिया, जापान और दक्षिण कोरिया से भी आ रहा है। ये निवेश केवल टीयर1 मेट्रो शहरों में नहीं आ रहे हैं, बल्कि एनआरआई की दिलचस्पी टीयर-2 और टीयर-3 शहरों के प्रॉपर्टी मार्केट में भी तेजी से बढ़ रही है।

भारत में इन शहरों में बढ़ा बाजार: जयपुर, पुणे, बेंगलुरू, भुवनेश्वर, हैदराबाद और कोच्चि जैसे टीयर-2 और टीयर-3 शहरों के रियल एस्टेट मार्केट में एनआरआई के बढ़ते निवेश की एक वजह भविष्य की अनिश्चितताओं से निपटने की रणनीति के रूप में भी देखा जा सकता है। दरअसल, ज्यादातर एनआरआई कभी-न-कभी स्वदेश लौटने की इच्छा रखते हैं, वे हमेशा के लिए विदेश में नहीं रहना चाहते। निवेश बढऩे की संभावना अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले वित्त वर्ष यानी 2020-21 के दौरान भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में एनआरआई का निवेश बढ़कर 13.5 अरब डॉलर के आसपास पहुंच सकता है। इस उद्योग के लिए यहबड़ी बात होगी जो पूंजी की किल्लत झेल रहा है।

किराया बढऩे से अच्छे रिटर्न की उम्मीद: पछले वर्षों मुख्य शहर से थोड़ी दूर बसे रिहायशी इलाकों में मकानों के किराए बढ़े हैं। चूंकि बिल्डर ग्राहकों को तय समय पर मकानों पर कब्जा दे रहे हैं, लिहाजा बड़े शहरों के बाहरी इलाकों में बसाहट तेजी से बढ़ रही है। उदाहरण के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को ही ले लीजिए। गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन या नोएडा एक्सटेंशन में बसाहट दिनोंदिन बढ़ रही है। इन इलाकों में दिल्ली से कनेक्टिविटी की बेहतर सुविधाएं विकसित होने से लोग मकान खरीदकर उनमें रहने लगे हैं। ऐसे इलाकों में जैसेजैसे बसाहट बढ़ती है, किराया भी बढऩे लगता है। यही कारण है कि एनआरआई ऐसी प्रॉपर्टी में निवेश बढ़ा हैं। उन्हें लगता है कि मकान किराए पर देने से उन्हें नियमित आमदनी होती रहेगी। तेज रफ्तार बुनियादी ढांचे का विस्तार टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान मेट्रो रेल, शानदार राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और एयर कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढांचा का विकास भी तेज रफ्तार से हुआ है। अब इन श्रेणियों के शहर देश के महानगरों से जुड़ गए हैं। यही वजह है कि कई मामलों में छोटे शहर एनआरआई के पसंदीदा हो गए हैं।