Wed. Sep 18th, 2019

रुकावट आई पर हौसला कमजोर नहीं

  • भावुक हुए इसरो चीफ सिवन
  • मोदी ने दी हिम्मत सब ठीक हो जाएगा…

बेंगलुरु 7 सितम्बर (एजेंसी)। चांद से महज दो कदम दूर रहे गए भारत के महात्वाकांक्षी मिशन के विक्रम लैंडर से संपर्क टूटने के बावजूद देश भर में जहां इसरो के वैज्ञानिकों की तारीफ हो रही है वहीं प्रधानमंत्री मोदी सुबह फिर से इसरे वैज्ञानिकों से मिलने और उनका हौंसला बढ़ाने पहुंचे। यहां सभी वैज्ञानिकों से मुलाकात के बाद जब वो लौट रहे थे तब एक ऐसा भावुक पल भी आया जब इसरो चीफ के.सिवान प्रधानमंत्री से मिलकर अपना भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। इसरो चीफ प्रधानमंत्री से मिलते ही भावुक हो गए और उनकी आंखें छलक आई। उन्हें इस तरह भावुक देख प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें गले लगा लिया। मोदी ने के. सिवान को काफी देर तक गले लगाए रखा और ढांढस बंधाते रहे। आखिरकर, इसरो चीफ ने खुद को संभाला और इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने फिर से उनका हौंसला बढ़ाते हुए वहां से रवाना हुए। यह एक ऐसा पल था जब यूं लग रहा था मानों प्रधानमंत्री एक बड़े भाई की तरह के. सिवान को गले लगाकर यह कह रहे हों कि सब ठीक हो जाएगा।

आज चंद्रमा छूने की इच्छाशक्ति और दृढ़ हुई-मोदी
नई दिल्ली, 7 सितम्बर (एजेंसी)। भारत के चंद्रयान-2 का चांद पर उतरने से ठीक पहले शुक्रवार देर रात संपर्क टूट गया और वैज्ञानिक परेशान हो उठे। शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाते हुए देश को को संबोधित करते हुए कहा है कि हम निश्चित रूप से सफल होंगे। इसरो सेंटर पर संस्थान के सभी वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, इस मिशन के अगले प्रयास में भी और इसके बाद के हर प्रयास में भी कामयाबी हमारे साथ होगी। हर मुश्किल, हर संघर्ष, हर कठिनाई, हमें कुछ नया सिखाकर जाती है, कुछ नए आविष्कार, नई टेक्नोलॉजी के लिए प्रेरित करती है और इसी से हमारी आगे की सफलता तय होती हैं। ज्ञान का अगर सबसे बड़ा शिक्षक कोई है तो वो विज्ञान है। विज्ञान में विफलता नहीं होती, केवल प्रयोग और प्रयास होते हैं।

भारत आपके साथ
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अपने वैज्ञानिकों से मैं कहना चाहता हूं कि भारत आपके साथ है। आप सब महान प्रोफेशनल हैं जिन्होंने देश की प्रगति के लिए संपूर्ण जीवन दिया और देश को मुस्कुराने और गर्व करने के कई मौके दिए। आप लोग मक्खन पर लकीर करने वाले लोग नहीं हैं पत्थर पर लकीर करने वाले लोग हैं। आज चंद्रमा को छूने की हमारी इच्छाशक्ति और दृढ़ हुई है, संकल्प और प्रबल हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर मुश्किल, हर संघर्ष, हर कठिनाई, हमें कुछ नया सिखाकर जाती है। मोदी ने कहा कि मैं सभी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के परिवार को भी सलाम करता हूं। उनका मौन लेकिन बहुत महत्वपूर्ण समर्थन आपके साथ रहा। हम असफल हो सकते हैं, लेकिन इससे हमारे जोश और ऊर्जा में कमी नहीं आएगी। हम फिर पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भले ही कुछ रुकावटें हाथ लगी हो, लेकिन इससे हमारा हौसला कमजोर नहीं पड़ा है, बल्कि और मजबूत हुआ है. आज हमारे रास्ते में भले ही एक रुकावट आई हो, लेकिन इससे हम अपनी मंजिल के रास्ते से डिगे नहीं हैं।

अंतिम 15 मिनट में कैसे रास्ते से भटक गया लैंडर विक्रम
भारत का महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 शुक्रवार देर रात चांद की सहत से महज 2.1 किलोमीटर की दूरी पर आकर अपना रास्ता भटक गया। इस बात की आशंका पहले ही लगाई जा रही थी कि लैंडर विक्रम के चांद की सतह पर पहुंचने से पहले के 15 मिनट काफी अहम होंगे। लैंडर विक्रम को देर रात लगभग 1 बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद की सतह पर पहुंचने से करीब 2.1 किलोमीटर पहले ही उसका इसरो से संपर्क टूट गया। अब भी विक्रम और प्रज्ञान से संपर्क की उम्मीदें बाकी हैं लेकिन यह किसी चमत्कार से कम नहीं होगा। लैंडर विक्रम के चांद की सतह पर पहुंचने में केवल 2 किलोमीटर का फासला रह गया था। रात करीब 1 बजकर 38 मिनट पर लैंडर विक्रम को चांद की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। करीब 1. 44 मिनट पर लैंडर विक्रम ने रफ ब्रेकिंग के चरण को पार कर लिया था। इसके बाद वैज्ञानिकों ने इसकी रफ्तार धीमी करनी शुरू की। 1.49 पर विक्रम लैंडर ने सफलता पूर्व अपनी गति कम कर ली थी और वह चांद की सतह के बेहद करीब पहुंच चुका है। रात करीब 1.52 मिनट पर चांद पर उतरने के अंतिम चरण में चंद्रयान-2 पहुंच चुका था लेकिन उसके बाद चंद्रयान का संपर्क धरती पर मौजूद स्टेशन से टूट गया। लैंडर विक्रम जब चांद की सतह से महज 2.1 किलोमीटर दूर रह गया था तो हर किसी को उम्मीद हो गई थी कि चंद्रयान अपने मिशन को पूरा कर लेगा। इसी दौरान अचानक इसरो के कंट्रोल रूम में सन्नाटा पसर गया और वैज्ञानिकों के चेहरे लटक गए। किसी को भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या। बताया जाता है कि इसरो के कंट्रोल रूम में लगी स्क्रीन पर आ रहे आंकड़े अचानक थम गए। इसके बाद इसरो चीफ सिवन वहां बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ बढ़े। इसरो चीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटना की जानकारी दी और बाहर निकल गए। कुछ ही देर में इसरो ने कंट्रोल रूम से अपनी लाइव स्ट्रीमिंग भी बंद कर दी।