September 26, 2020

रुपए नहीं हैं तो बच्चा देना पड़ेगा… शर्मसार करने की पराकाष्ठा

आगरा के अस्पताल को डिलीवरी की फीस नहीं दे पाया बेबस पिता, डॉक्टर ने लगा दी नवजात की बोली

आगरा, 2 सितम्बर (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के आगरा जले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक बहुत ही बड़ी व दर्दनाक घटना सामने आई है। शहर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद गरीब दंपती 35 हजार रुपए शुल्क जमा नहीं कर सका तो उसके नवजात बच्चे का सौदा कर दिया गया। आरोप है कि चिकित्सक ने जबरन उससे कागज पर अंगूठा लगवा लिया और बच्चा ले लिया। महिला गिड़गिड़ाती रह गई, पति भी कुछ न कर सका क्योंकि वो बेबस था। पीडि़त परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की फीस न दे पाने पर चिकित्सक ने कहा कि रुपये नहीं हैं तो बच्चा देना पड़ेगा।

एक लाख रुपए में किया सौदा
इसके बाद दंपती से जबरन एक कागज पर अंगूठा लगवा लिया और नवजात लेकर 70 हजार रुपये देकर भगा दिया। बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने बच्चे का सौदा एक लाख रुपये में कर दिया। 35 हजार रुपये अस्पताल का बकाया बिल जमा कराने के बाद पीडि़त रिक्शा चालक को 65 हजार रुपये देकर भगा दिया। दंपती का आरोप है कि चिकित्सक ने बच्चे को एक लाख रुपए में बेच दिया है। शंभु नगर निवासी शिव नारायण रिक्शा चालक है। उसने बताया कि चार महीने पहले कर्ज में उसका घर चला गया था। 24 अगस्त को उसकी पत्नी बबिता को प्रसव पीड़ा हुई। उसे पास के ही जेपी अस्पताल में भर्ती करा दिया। बबिता ने बेटे को जन्म दिया। 25 अगस्त को डिस्चार्ज कराने की बारी आई तो अस्पताल ने 35,000 रुपये का बिल थमा दिया। रिक्शा चालक इतनी रकम चुकाने में असमर्थ था। उसके पास सिर्फ पांच सौ रुपये थे।

डॉक्टर बोला, बच्चा तो देना पड़ेगा
आरोप है कि अस्पताल की फीस न दे पाने पर चिकित्सक ने कहा कि रुपये नहीं हैं तो बच्चा देना पड़ेगा। इसके बाद दंपती से जबरन एक कागज पर अंगूठा लगवा लिया और नवजात लेकर 65 हजार रुपये देकर भगा दिया। मामले की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उक्त अस्पताल पर छापा मारा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आरसी पांडेय ने बताया कि अनियमिताएं मिलने पर अस्पताल को सील किया गया है। नवजात बच्चे को बेचने जाने की सूचना मिली है। इसकी जांच पुलिस करेगी। मामला मीडिया में आने के बाद पुलिस घटना की जांच पड़ताल में जुट गई है।