October 23, 2020

रूठों को उनके हाल पर छोड़ा!

Varanasi / India 25 April 2019 BJP party workers and supporters waved the Lotus print flags during PM Narendra Modi road show in Varanasi northern Indian state of Uttar Pradesh; Shutterstock ID 1385470790; Purchase Order: FIX0007020 ; Project: year in review; Client/Licensee: encyclopedia britannica

बिहार में भाजपा का नया पैंतरा

पटना, 9 अक्टूबर। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होकर चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा कर चुकी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) नाराज भाजपा नेताओं के लिए नया ठिकाना बन गया है। भाजपा के लिए यह चिंता का सबब जरूर बना है लेकिन भाजपा ने ऐसों को अपने हाल पर छोड़ दिया है। वैसे राजग नेता इस पर ज्यादा कुछ नहीं बोलते लेकिन इतना जरूर कहते हैं कि लोजपा का बिहार में आधार नहीं है। लोजपा के प्रमुख चिराग पासवान ऐसे तो जदयू के प्रमुख नीतीश कुमार से नाराज होकर बिहार में उनके नेतृत्व में चुनाव नहीं लडऩे का फैसला लिया है लेकिन इसका खमियाजा भाजपा को भी उठाना पड़ रहा है। टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा के कई दिग्गज लोजपा का दामन थाम मैदान में उतर सकते हैं। ऐसे में पार्टी ऐसे नेताओं को लेकर मंथन में जुट गई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र दुबे कहते हैं कि लोजपा वोटकटवा के अलावा कुछ नहीं है। राजग का कोई कार्यकर्ता लोजपा के साथ नहीं जाएगा। उन्होंने माना कि कई लोग नाराज होकर जाते हैं लेकिन भाजपा ऐसी पार्टी है जिसके कार्यकर्ता देर-सबेर इधर उधर कूद फांदकर लौट आते हैं। बिहार के चुनाव प्रभारी और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी स्पष्ट कहा था कि राजग के बाहर कोई भी किसी अन्य पार्टी से चुनाव लड़ेगा वो हमारा नहीं है। भाजपा स्पष्ट कर चुकी है कि जिसे भी बिहार में नीतीश कुमार का नेतृत्व पसंद नहीं है वह भााजपा के साथ नहीं है। वैसे सूत्र यह भी कहते हैं कि भाजपा के रणनीतिकार ऐसे नाराज नेताओं के संपर्क में हैं। देर सबेर इन्हें मना लिया जाएगा। पहले चरण में फिलहाल 71 सीटों पर चुनाव होना है। बिहार में पहले चरण की वोटिंग 28 अक्टूबर को होगी। दूसरे चरण में 3 नवंबर और तीसरे चरण में 7 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव परिणाम 10 नवंबर को निकलेंगे।