September 21, 2020

रेमडेसिविर का जेनेरिक वर्जन लॉन्च

केवल सरकारी और निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध होगी

नई दिल्ली, (एजेंसी)। कोरोना वायरस से लडऩे के लिए एक और वैक्सीन आ गई है, जिसमें रेमडेसिविर के जेनेरिक वर्जन को भारतीय कंपनी ने लॉन्च किया है। इस दवा की कीमत काफी कम रखी है, ताकि मरीजों को इलाज कराने में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। देश की जानी-मानी फार्मा कंपनी सिप्ला ने कोरोना मरीजों के इलाज में कारगर रेमडेसिविर दवा का अपना वर्जन मार्केट में लॉन्च किया है। इस दवा को पहले से लॉन्च सीपेमी का वर्जन ही माना जा रहा है। कंपनी ने 100 एमजी के वाइल की कीमत 4 हजार रुपए रखी है। रेमडेसिविर एक मात्र दवा है, जिसे यूएसएफडीए ने कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए इमरजेंसी की स्थिति में इस्तेमाल की मंजूरी दी है। सिप्ला के सीईओ और एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट निखिल चोपड़ा ने बताया कि कंपनी शुरुआत में 80 हजार दवा की सप्लाई पूरे देश में करेगी। फिलहाल ये दवा केवल सरकारी और निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध होगी। पूरी दुनिया में कोरोना से लडऩे के लिए तैयार की गई वैक्सीन में सिप्ला की सबसे सस्ती दवा है। सिप्ला ने मुंबई की बीडीआर फार्मा से मैनुफैक्चरिंग का कॉन्ट्रैक्ट किया है। बदले में बीडीआर फार्मा ने फिनिश्ड डोसेज और पैकेजिंग के लिए सोवरेन फार्मा से डील की है। सिप्ला अपनी दवा को सिपरेमी नाम से करीब 4 हजार रुपए प्रति वॉयल की दर से बेचेगी। यानी यह हेटरो ग्रुप के मुकाबले करीब 1,400 रुपए सस्ती होगी। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) से अप्रूवल मिलने के बाद हेटरो ग्रुप ने कोवीफॉर नाम से दवा बनानी और बेचनी शुरू की है। अभी तक सिर्फ उसी की दवाएं सप्लाई हो रही हैं। कंपनी ने एक वॉयल की कीमत 5,400 रुपए रखी है। अभी तक सिर्फ 20 हजार वॉयल ही सप्लाई किए जा सके हैं।