October 25, 2020

लड़कियों को स्कूल भेजने में राजस्थान ने खूब नंबर कमाए

हालांकि हरियाणा ने मारी बाजी

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 24 सितम्बर। कल तक लड़कियों को गर्भ में ही मारने के आरोप झेलने वाला हरियाणा राज्य अब ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को स्कूल भेजने के मामले में आगे बढ़ता जा रहा है। तीन साल में ही यह आंकड़ा करीब 10 फीसद तक बढ़ गया है। राज्य की बदलती हुई इस सोच पर लोग हैरत में है। इसके साथ ही पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात ने भी लड़कियों को स्कूल भेजने के मामले में खासे नंबर कमाए हैं लेकिन दूसरी ओर बड़े राज्य कहे जाने वाले यूपी, केरल और तमिलनाडु लड़कियों को स्कूल भेजने के मामले में पिछड़ रहे हैं। यह आंकड़ा कक्षा 9 से 12वीं मतलब माध्यमिक स्तर का है। आंकड़ों पर निगाह डालें तो देश में 80.62 फीसद लड़कियां स्कूल जा रही हैं। यह आंकड़ा साल 2017-18 का है। हालांकि बीते दो साल में यह आंकड़ा 00.52 फीसद ही बढ़ा ह लेकिन अच्छी खबर यह है कि हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्य, जिन पर लड़कियों संग भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं भी अब ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को स्कूल भेजने के मिशन में जुट गए हैं।

लड़कियों के मुकाबले लड़के ज्यादा छोड़ रहे हैं पढ़ाई
लड़कियों के मुकाबले लड़के बड़ी संख्या में बीच में ही पढ़ाई छोड़ रहे हैं। कक्षा 9 से 12वीं की पढ़ाई के दौरान लड़के बीच में ही पढ़ाई छोड़ दे रहे हैं। साल 2017-18 में देशभर में 9 से 12वीं की पढ़ाई के दौरान 18.6 फीसद लड़कों तो 18.4 फीसद लड़कियों ने बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी। लड़कियों के आंकड़े में पहले के मुकाबले खासा सुधार आया है। इस मामले में भी हरियाणा आगे रहा है। मतलब यह कि 13.8 फीसद लड़कों तो 13.1 फीसद लड़कियों ने ही साल 2017-18 में बीच में ही पढ़ाई छोड़ी थी।