September 23, 2020

लद्दाख पर वार्ता विफल तो सैन्य विकल्प खुला

जनरल बिपिन रावत का एलएसी विवाद पर बड़ा बयान

नई दिल्ली, 24 अगस्त (एजेंसी)। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच जमी बर्फ को पिघलाने की कोशिश जारी है। इस बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने कहा कि लद्दाख में चीनी सेना द्वारा किए गए बदलाव से निपटने के लिए सैन्य विकल्प जारी है, लेकिन इस विकल्प पर विचार सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत विफल होने के बाद किया जाएगा। सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि एलएसी पर विवाद की वजह, बॉर्डर को लेकर अलग-अलग धारणाएं होती हैं। उन्होंने सैन्य विकल्पों पर बात करने से मना कर दिया। गौरतलब है कि चीन अभी भी पैगॉन्ग के इलाके में डटा हुआ है। वह फिंगर-5 से पीछे जाने के लिए तैयार नहीं है।

कई बार सैन्य वार्ता
एलएसी पर विवाद सुलझाने के लिए भारत और चीन के बीच कई बार सैन्य वार्ता हो चुकी है। इसमें लेफ्टिनेंट-जनरल स्तर की वार्ता शामिल है। राजनयिक स्तर पर भी बातचीत जारी है। संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी चीन से बात कर रहे है। दोनों पक्षों के बीच सीमा पर तनाव को कम करने पर बात किया जा रहा है। इस बातचीत से एलएसी विवाद का हल नहीं निकल रहा है। फिंगर और डारला इलाके में चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) अभ्यास कर रही ह। ऐसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने सैन्य विकल्प पर विचार का बयान देकर चीन को कड़ा संदेश देने का प्रयास किया है।

ड्रैगन की मांग
भारत और चीन के बीच लद्दाख में चल रहे विवाद के बीच ड्रैगन ने भारत से एक मांग की थी। चीन ने कहा था कि पैंगोंग शो इलाके के फिंगर एरिया में विवाद को निपटाने के लिए दोनों देशों की सेनाएं बराबरी से पीछे हटें और बफर जोन बनाया जाए। फिलहाल भारत ने सिरे से इस मांग को खारिज कर दिया है।