October 28, 2020

लॉकडाउन नहीं किया, बाजार खुले रखे फिर भी काबू में कोरोना

  • साउथ कोरिया ने किया कमाल-डब्ल्यूएचओ ने भी की तारीफ

नई दिल्ली, 30 सितम्बर (एजेंसी)। कोई देश कोरोना वायरस का सामना कैसे करे। ऐसा लगता है कि साउथ कोरिया ने इस सवाल का हल निकाल लिया है। साउथ कोरिया में अप्रैल से अब तक रोज सामने आने वाले केस का औसत सिर्फ 77 है।

कैसे काबू पाया?
वाल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक साउथ कोरिया ने सीधा, लचीला और तुलनात्मक रूप से आसानी से लागू किया जाने वाला मॉडल अपनाया। इसका फायदा ये हुआ है कि न सिर्फ मौतों का आंकड़ा काफी कम रहा, बल्कि देश की इकोनॉमी भी मजबूत रही। इकोनॉमी में एक फीसदी से भी कम की गिरावट का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक साउथ कोरिया ने जिस तरीके से लोगों की कोरोना टेस्टिंग की वैसा अन्य किसी देश ने नहीं किया। वहीं तकनीक का भी व्यापक इस्तेमाल किया गया और सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल और कम्यूनिकेशन के मॉडल को अपनाया गया लेकिन एक महत्वपूर्ण बात ये थी कि इतना सब करने के बाद भी साउथ कोरिया लगातार एक डर में रहा। वो था,असफल होने का डर। अब ऐसा लगता है कि इसी डर ने उसे जीत की ओर कदम बढ़ाने में मदद की। साउथ कोरिया की आबादी करीब 5.16 करोड़ है। साउथ कोरिया में करीब 400 लोगों की ही मौत हुई है। साउथ कोरिया ने महामारी की शुरुआत में ही बेहद तेजी दिखाते हुए देश में तैयार कोरोना वायरस टेस्टिंग किट को मंजूरी दे दी थी और तकनीक का जबरदस्त उपयोग करते हुए आसपास के क्षेत्र में किसी के संक्रमित होने पर तुरंत लोगों को मैसेज भेजना भी शुरू कर दिया था। जब देश में फेस मास्क की कमी पडऩे लगी थी तो सरकार ने उत्पादन पर अपना नियंत्रण कर लिया था। देश में लगभग हर व्यक्ति ने मास्क पहना। हर संक्रमित, हल्के लक्षण वाले, बिना लक्षण वाले लोगों को हॉस्पिटल या सरकार संचालित अन्य जगहों पर आइसोलेट किया गया। ट्रीटमेंट फ्री कर दिया गया। इसकी वजह से साउथ कोरिया को कभी लॉकडाउन नहीं लगाना पड़ा। रेस्त्रां और अन्य बिजनेस खुले रहे जिससे इकोनॉमी बर्बाद नहीं हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी साउथ कोरिया की तारीफ की है। संगठन के ग्लोबल आउटब्रेक अलर्ट एंड रेस्पॉन्स नेटवर्क के चेयरमैन डेले फिशर ने कहा कि साउथ कोरिया ने वायरस को काबू करना और वायरस के साथ जीना सीखा।