September 24, 2020

वर्षों बाद सावन में अनूठे संयोग

  • 47 साल बाद इस बार सोमवार को अमावस्या और पूर्णिमा का संयोग
  • 19 साल बाद श्रावण के सोमवार को हरियाली अमावस्या

जयपुर, 17 जुलाई। इस बार श्रावण मास में दो अनूठे संयोग देखने को मिल रहे है, जो कई सालों बाद ऐसा होगा। इस बार श्रावण कृष्ण अमावस्या 20 जुलाई को है और इस दिन सोमवती यानी हरियाली अमावस्या आएगी। 19 साल बाद सावन में सोमवार को सोमवती और हरियाली अमावस्या का संयोग बन रहा है। इससे पहले श्रावण में साल 2000 में सोमवती और हरियाली अमावस्या एक साथ आई थी। हइस साल हरियाली अमावस्या के दिन चंद्र, बुध, गुरु, शुक्र और शनि ग्रह अपनी-अपनी राशियों में रहेंगे।
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि सावन में सोमवती अमावस्या और सोमवार को पूर्णिमा का संयोग 47 साल बाद आ रहा है। जबकि 19 साल बाद सावन सोमवार को सोमवती और हरियाली अमावस्या का संयोग बन रहा है। इस बार सोमवती अमावस्या के दिन सर्वार्थसिद्धि योग, पुनर्वसु नक्षत्र, श्रावण सोमवार, सोमवती अमावस्या और स्नानदान श्रावण अमावस्या का संयोग भी रहेगा। ग्रहों की इस स्थिति का शुभ प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिलेगा। ज्योतिषाचार्यों की माने तो सोमवार से युक्त अमावस्या का शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। स्कन्दपुराण के अनुसार सोमवार व अमावस्या विशेष फलदायक होता है। अमावस्या यदि सोमवार, मंगलवार या गुरुवार को हो तो उस योग के पर्व को पुष्कर योग होता है। इस बार चन्द्रमा पुनर्वसु नक्षत्र एवं चांदी के पाये में है, जो औषधि निर्माण, पितृशान्ति, धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में आत्मशुद्धि, स्नान, दान के लिए शुभ रहेगा। मिथुन राशि में चन्द्र-बुध-राहु का त्रिग्रही योग आर्थिक क्षति करेगा।