September 24, 2020

वास्तुकला की अनूठी कलाकृति है लेकसिटी की हर झील

झीलों की नगरी के नाम से विख्यात उदयपुर अपनी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां की जयसमंद झील मीठे पानी की एशिया की सबसे बड़ी झील है। वहीं फतहसागर और पिछोला झील देसी और विदेशी पर्यटकों की पसंदीदा जगह है। झीलों की खूबसूरती के चलते इस शहर को अब पर्यटकों की नगरी के नाम से भी पहचाना जाने लगा है। उदयपुर की पिछोला झील की खूबसूरती पुरी दुनिया में विख्यात है। इस झील के किनारे राजस्थानी संस्कृति की झलक नजर आती है। झील के आसपास पांच सितारा होटल्स बनी हुई है और सिटी पैलेस भी इस झील के किनारे स्थित है। झील के मध्य में सिटी पैलेस होटल और जग मंदिर स्थित है। पिछोला झील को 14वीं शताब्दी में महाराणा लखा के काल में छीतरमल बंजारे ने बनवाया था। महाराणा उदयसिंह द्वितीय ने इसका विस्तार कराया था। उदयपुर की फतहसागर झील को महाराणा जय सिंह द्वारा बनाया गया था, लेकिन बाढ़ के चलते यह झील नष्ट हो गई थी। उसके बाद महाराणा फतह सिंह ने इसका पुनर्निमाण कराया था। 1680 में इसके पुननिर्माण के साथ ही महाराणा फतहसिंह के नाम पर ही इसका नाम फतहसागर झील रखा गया। बारिश में यहां का नजारा अनूठा रोमांच पैदा करता है।
जयसमंद झील (इनसेट में )मीठे पानी की एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है। कहते हैं कि इस झील की विशालता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें 9 नदियां और 99 नालों का पानी समाहित होता है। इस झील का मुख्य नाम ढेबर झील है। जयसमंद झील का निर्माण महाराणा जयसिंह ने 1711 से 1720 ईसवी के मध्य बनवाया था। इस झील की लंबाई करीब 14400 मीटर और चौड़ाई 9500 मीटर थी लेकिन अब इसका इलाका थोड़ा सिमट गया है। इसके अलावा उदयसागर झील को मेवाड़ के महाराणा उदयसिंह द्वितीय ने 1565 ईसवी में बनाया था। इस झील की चौड़ाई 4 किमी और गहराई 9 मीटर की है। उदयपुर में पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए इस झील के निर्माण की योजना बनाई थी।