October 20, 2020

विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी का आरोपी गिरफ्तार

खाटूश्यामजी, (निसं.)। विदेश भेजने के नाम पर चार लोगों से 6 लाख रुपए ठगी के आरोपी को मुंबई से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीम श्री श्याम मंदिर कमेटी के 20 लाख रुपए की ठगी के मामले में मुंबई पहुंची थी। पुलिस ने ठग को पकडऩे के लिए जाल बिछाया। बैंक अधिकारी से खाते में अधिक रुपए आने का फोन कराया। वह बैंक में आया तो उसे दबोच लिया। थाना प्रभारी पूजा पूनियां ने बताया कि मासूक अली पुत्र अब्दुल धारावी, मुंबई को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि योगेन्द्र बलाई, नाथूराम रैगर निवासी अलोदा, रामस्वरूप रैगर निवासी सराय(उदयपुरवाटी) और कृष्ण कुमार बलाई निवासी श्यामपुरा बाजौर ने 15 जनवरी 2020 को बहरूद्दीन पुत्र हाजी उस्मान निवासी नावा नागौर और मासूक अली पुत्र अब्दुल धारावी, मुंबई के खिलाफ विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख 96 हजार रूपए की ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने मार्च में आरोपी की तलाश में दबिश दी।

लालच में फंस गया ठग
श्री श्याम मंदिर कमेटी के 20 लाख रुपए के मामले में आरोपितों की तलाश में हैड कांस्टेबल लाल चंद, कांस्टेबल रोहिताश, मनोज और विनोद की टीम मुंबई पहुंची। तब ठगी के आरोपी मासूक अली की लोकेशन मुंबई मिली। पुलिस की टीम ने बैंक के अधिकारी से मासूक को फोन करवाकर उसके खाते में अधिक राशि आने की बात कही। ठग लालच में बैंक में पैसे लेने आया। तभी पुलिस ने ठग मासूक अली को दबोच लिया। पुलिस उसे सीकर लेकर आ गई। मासूक अली वर्ष 2018 में मुंबई में बैंक लूट और मादक पदार्थो की तस्करी में जेल जा चुका है।

171 लोगों के नंबर ब्लैक लिस्ट
जांच में पता लगा कि मासूक अली लखनऊ का रहने वाला है और 20 सालों से मुंबई में रह रहा है। उसने अब तक दर्जनों लोगों को जाल में फंसा लिया है। पुलिस ने बताया कि उसने 171 लोगों के मोबाईल नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल रखे है। उसने लखनऊ, दादर, आजमगढ, जयपुर, कोटपूतली, भिवंडी(यूपी), नागौर, सीकर जिले के अनेक लोगों को ठगी शिकार बनाया है। पुलिस को 50 पासपोर्ट की फोटोकॉपी भी मिली है।

गिरफ्तारी के डर से बदलता था घर और नंबर
हैडकांस्टेबल लालचंद ने बताया कि मासूक शातिर ठग है। वह विदेश भेजने के नाम पर लोगों से रुपए ठग लेता है। वह इतना शातिर है कि अक्सर किराए का घर और मोबाइल का नंबर बदलता रहता है। नंबर बदलने के कारण वह आसानी से पकड़ में नहीं आता है। पुलिस उसे काफी दिनों से तलाश कर रही थी। वह ठगी करने के बाद लोगों के मोबाइल नंबरों को ब्लैक लिस्ट में डाल देता है। साथ ही आधार काडऱ् में भी पता बदलवा लेता है।

बदरुद्दीन करता था मध्यस्था
रींगस डीवाईएसपी बनवारी लाल धायल ने बताया कि बदरुद्दीन निवासी मीठड़ी नावा नागौर विदेश भेजने के नाम पर ग्राहकों को तैयार करता था और उनसे पैसों का लेनदेन कर मध्यस्था का कार्य करता था। पैसे मुंबई स्थित मासूम अली के खाते में डलवाता था और फर्जी वीजा तैयार कर कॉरियर