Wed. Feb 19th, 2020

विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने लगाए एक-दूसरे पर आरोप

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 14 फरवरी। राजस्थान विधानसभा में बुधवार को राज्यपाल कलराज मिश्र के अभिभाषण पर चल रही चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक.दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। सत्ता पक्ष कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों और राजस्थान में भाजपा के पिछले कार्यकाल की आलोचना की। वहीं, प्रतिपक्षी भाजपा के विधायकों ने कहा कि सरकार ने एक साल में ऐसा कुछ भी नहीं किया, जिसका वर्णन अभिभाषण में उपलब्धियों के तौर पर किया गया है। चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी ने कहा कि अभिभाषण में कोई सच्चाई नहीं है। केवल आंकड़ों का भ्रमजाल फैलाया जा रहा है। किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसी तरह वादा करने के बावजूद बिजली के दाम बढ़ा दिए गए और जनता पर भार डाल दिया गया। इसमें गरीबी रेखा से नीचे के लोगों और किसानों को भी नहीं छोड़ा गया। सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में भी कुछ नहीं किया। कोटा में बच्चों की मौत पर संवेदना नहीं दिखाई। भाजपा विधायक रामप्रताप कासनिया ने कहा कि एक वर्ष के अंदर सरकार ने सारे विकास कार्य ठप कर दिए। वहीं पूर्व ओलंपियन और कांग्रेस की मौजूदा विधायक कृष्णा पूनिया ने कहा कि हमने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने का काम किया है। विपक्ष कोटा के अस्पताल मे बच्चों की मौत को मुद्दा बना रहा है, लेकिन सरकारी अस्पतालों की स्थिति पिछली सरकार ने सुधारी होती तो आज स्थिति बेहतर होती। इसके बावजूद हमारी सरकार ने निरोगी राजस्थान अभियान शुरू किया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि केंद्र ने रोजगार की व्यवस्था की होती तो युवक सड़क पर बंदूक लेकर नहीं निकलते। हमने पूंजीपतियों की सेवा की। अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अमीन खां ने अपनी सरकार की उपलब्धियां तो गिनाई लेकिन साथ ही दिल्ली के चुनाव परिणाम पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने कांग्रेस को भी नकारा है और भाजपा को भी क्योंकि हमने पूंजीपतियों का साथ दिया। वहीं केजरीवाल ने गरीब आदमी के बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी सरकार का उद्देश्य गरीब आदमी को सहायता देना होता है। मौजूदा व्यवस्था में ऐसा नहीं हो पा रहा है।

मनरेगा योजना में राजस्थान देश में अव्वलरू सचिन पायलट

जयपुर। उप मुख्यमंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री सचिन पायलट ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि मनरेगा योजना के सफल क्रियान्वयन में राजस्थान राज्य पूरे देश में अव्वल है। पायलट प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पहले लक्ष्य 23 करोड़ था जिसे बढ़ाकर 30 करोड़ कर दिया गया और अब लक्ष्य 34 करो? किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पिछले कई महिनों से केन्द्र सरकार के समक्ष राज्य के मजूदरों के भुगतान सहित अन्य भुगतान अटके हुए है। उन्होंने सदन में प्रतिपक्ष के सदस्यों से आग्रह किया कि वे केन्द्र से अटके हुए भुगतान राशि को शीघ्र स्वीकृत करवाने में सहयोग करे। इससे पहले विधायक पानाचंद मेघवाल के मूल प्रश्न के जवाब में पायलट ने कहा कि प्रदेश में ग्राम पंचायतों द्वारा महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत अनुमत कार्यों के जो प्रस्ताव सरकार को प्रेषित किए जाते है। उनकी स्वीकृति नियमानुसार समयबद्ध रूप से जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोटा सम्भाग की पंचायत समिति बारां की ग्राम पंचायत रटावद के केवल एक ग्राम शंकरपुरा में गत 3 वर्षों में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत कोई भी कार्य नहीं करवाया गया है। पायलट ने कहा कि योजना के तहत रोजगार की मांग प्राप्त होने पर कार्य स्वीकृत किए जाते हैं । उन्होंने कहा कि बारां जिले में महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत सिक्योर सोफ्ट पर 26 कार्यों की स्वीकृतियां लम्बित है जिनकी स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत कुल व्यय राशि की कम से कम 60 प्रतिशत राशि कृषि एवं सम्बद्ध गतिविधियों पर व्यय किया जाना अनिवार्य है। इसके तहत पात्र कृषकों की कृषि भूमि के विकासए में बन्दी, पौधारोपण एवं सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने आदि कार्य अनुमत है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत व्यक्तिगत लाभ के कार्य ष्अपना खेत अपना कामष् के तहत महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम की अनुसूची.1 के पैरा 5 पर उल्लेखित पात्र किसानों के लिए पशु आश्रय ध् बकरी आश्रय ध् सूकर आश्रय ध् मुर्गीपालन आश्रय का निर्माण कराने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि कोटा संभाग में विगत 3 वर्षो में पशुपालकों के लिए 17 हजार 186 पशु आश्रय निर्मित करवाये गये हैए उन्होंने जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा।