November 24, 2020

विलुप्त होती स्थानीय कलाओं और कलाकारों के संरक्षण के लिए हो प्रभावी कार्य: राज्यपाल

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की विशेष ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 20 अक्टूबर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कलाओं के संरक्षण, कलाकारों के प्रोत्साहन के साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियां के क्रियान्वयन में सभी की समुचित सहभागिता रखे जाने का आह्वान किया है। उन्होंने पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र की संचालन और कार्यकारी समिति में किए जाने वाले परिवर्तन में सभी की समुचित भागीदारी सुनिश्चित किए जाने के साथ ही इन दोनों समितियों को और अधिक प्रभावी किए जाने के भी निर्देश दिए। राज्यपाल मिश्र सोमवार को यहां राजभवन में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की विशेष ऑनलाइन समीक्षा बैठक में संबोधित कर रहे थे। बैठक में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, दमन-द्वीप, दादरा-नागर हवेली आदि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में राज्यपाल ने पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र से जुड़े कलाकारों, समिति सदस्यों, अधिकारियों के सुझाव भी सुने तथा कहा कि जनजातीय और ग्रामीण कलाओं के संरक्षण और विकास के लिए सभी स्तरों पर समन्वय रखते हुए कार्य किए जाने चाहिए। संवादहीनता से आशंकाएं उत्पन्न होती है, इसलिए इससे सभी स्तरों पर बचना चाहिए। मिश्र ने पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा कोविड के इस दौर में कलाकारों को आर्थिक रूप से सशक्त किए जाने के प्रयास भी प्रभावी स्तर पर किए जाने पर जोर दिया। इस संबंध में केन्द्र सदस्य राज्यों के कला संस्कृति विभागों की समुचित सहभागिता रखते हुए सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण के कार्य करें। इसी से हम अपनी कला विरासत को भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित रख पाएंगे।
राज्यपाल ने कहा कि विलुप्त होती स्थानीय कलाओं, लोक और जनजाति कलाओं को राष्ट्र की मुख्यधारा के साथ लाने के लिए भी महत्ती कार्य किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखण्डता के परिचायक ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ में पूर्वोत्तर राज्यों को अपने सदस्य राज्यों के और नजदीक लाने के प्रयास भी पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र करें ताकि आने वाली पीढिय़ां हमारी कला और संस्कृति का वैश्विक स्वरूप देख सकें।