Sun. May 31st, 2020

विश्वेंद्र बोले: मुझे काम पसंद, चापलूसी नही…

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 22 मई। पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने पार्टी लाइन से परे जाकर किए गए ट्वीट और बयानबाजी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में साफ कहा है कि वे चापलूसी करने में नहीं, बल्कि काम करने में विश्वास करते हैं। सिंह ने कहा, कुछ लोग संकीर्ण सोच रखते हैं। कुछ लोग ब्रॉड माइंड रखते हैं। मैं संकीर्ण सोच नहीं रखता। कुछ लोग चापलूसी करना पसंद करते हैं। कुछ लोग काम करना पंसद करते हैं। मैं काम करना पसद करता हूं। चापलूसी करना नहीं। सिंह ने कहा कि हाल ही में आत्मनिर्भर भारत अभियान को लेकर सतीश पूनिया और हनुमान बेनीवाल से ट्विटर पर हुए संवाद को राजनीति से जोड़कर ना देखें। पूनिया और वासुदेव देवनानी दोनों बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं और दोनों ही उनके अजीज मित्र हैं। दोनों का बयान बहुत संजीदगी वाला था। इस पूरे प्रकरण में राजनीतिक अर्थ जीरो है। मैंने मेरे दिल की बात रखी क्योंकि हम जनता को जवाब देने के लिए जिम्मेदार हैं। सिंह ने कहा कि यह समझ लीजिए कि मैं ना बीजेपी में जा रहा हूं और न हनुमान बेनीवाल की रालोपा में। हनुमान बेनीवाल से मेरे पुराने संबंध हैं जब वे विधायक भी नहीं थे तब के संबंध हैं। सिंह ने कहा कि ट्वीटर पर कोई आपकी बात को पसंद करता है तो शिष्टाचारवश उसका जवाब तो देंगे ही ना। सिंह ने कहा कि मैं आत्मनिर्भर भारत अभियान का समर्थक हूं। इसमें गलत क्या है। पंडित नेहरू से लेकर कांग्रेस के बड़े नेता भी भारत को आत्मनिर्भर बनाने के पैरोकार रहे हैं।

सुभाष गर्ग से मेरा क्या कंपीटिशन
राज्य मंत्री सुभाष गर्ग से मतभेदों के सवाल पर सिंह ने कहा गर्ग आरएलडी से पहली बार जीतकर विधायक बने है। भरतपुर शहर से आरएलडी की सीट निकलना बड़ी बात थी। हमने भी सहयोग किया। मुझे राजनीति में 32 साल हो गए। सुभाष गर्ग से मेरा क्या कंपीटिशन हो सकता है. तीन बार सांसद और तीन बार विधायक रह लिया। अब इस ओहदे पर पहुंचा हूं। कामकाज की बात पर किसी को सही बात कहने में कोई दिक्कत नहीं है. कोई वरिष्ठ आपके कामकाज में कमी निकाले या कोई सुझाव दे तो उसे पॉजिटिव वे में लेना चाहिए। कोई वरिष्ठ कहे तो गलती को स्वीकार कर सुधार करना चाहिए।