October 23, 2020

शायद इससे सांसदों को सद्बुद्धि आए…

हरिवंश ने लिखा सभापति वेंकैया नायडू को पत्र, कहा- एक दिन के उपवास पर बैठूंगा

नई दिल्ली, 22 सितम्बर (एजेंसी)। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान रविवार को राज्यसभा में कृषि विधेयकों पर काफी हंगामा देखने को मिला था। कुछ राज्यसभा सदस्यों ने उपसभापति हरिवंश के साथ अमर्यादित आचरण तक किया। इसके बाद 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं उपसभापति हरिवंश ने इस पूरे मामले को लेकर उपराष्ट्रपति व सभापति वेंकैया नायडू को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि 20 सितंबर को राज्यसभा में जो कुछ भी हुआ, उससे मैं पिछले दो दिनों से आत्मपीड़ा, आत्म तनाव और मानसिक वेदना में हूं। मैं पूरी रात सो नहीं पाया। हरिवंश ने पत्र में लिखा है, भगवान बुद्ध मेरे जीवन के प्रेरणास्रोत रहे हैं। बिहार की धरती पर ही आत्मज्ञान पाने वाले बुद्ध ने कहा था- आत्मदीपो भव:। मुझे लगा कि उच्च सदन के मर्यादित पीठ पर मेरे साथ जो अपमानजनक व्यवहार हुआ,उसके लिए मुझे एक दिन का उपवास करना चाहिए। शायद मेरे इस उपवास से सदन में इस तरह का आचरण करने वाले माननीय सदस्यों के अंदर आत्मशुद्धि का भाव जागृत हो जाए। मेरा यह उपवास इसी भावना से प्रेरित है। बिहार की धरती पर पैदा हुए राष्ट्रकवि दिनकर दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे। कल 23 सितंबर को उनकी जन्मतिथि है। आज यानी 22 सितंबर की सुबह से कल 23 सितंबर की सुबह तक मैं इस अवसर पर 24 घंटे का उपवास कर रहा हूं। कामकाज प्रभावित ना हो, इसलिए मैं उपवास के दौरान भी राज्यसभा के कामकाज में नियमित और सामान्य रूप से भाग लूंगा। मेरा मानना है कि वर्तमान में हमारा सदन प्रतिभावान और कमिटेड सदस्यों से भरा हुआ है। इस सदन में आदर्श सदन बनने की पूरी क्षमताएं हैं। ऐसा हमने हर बहस में देखा। पर महज एक सप्ताह में मेरा ऐसा आहत करने वाला कटु अनुभव होगा, कल्पना नहीं की थी। उप सभापति हरिवंश ने कहा है, मेरे सामने 20 सितंबर को उच्च सदन में जो दृश्य हुआ, सदन व आसन की मर्यादा को अकल्पनीय क्षति पहुंची है। सदन के माननीय सदस्यों द्वारा लोकतंत्र के नाम पर हिंसक व्यवहार हुआ।

सांसदों को डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने पिलाई चाय
निलंबित सांसदों से मिलने मंगलवार सुबह खुद डिप्टी चेयरमैन हरिवंश पहुंच गए। वह अपने साथ झोला लाए थे जिसमें सांसदों के लिए चाय थी। हरिवंश ने चाय निकाली। विपक्षी सांसदों ने चाय पीने से इनकार कर दिया। सांसद संजय सिंह ने कहा, जब देश के हजारों किसान भूखे-प्यासे सड़कों पर हैं तो हम यहां किसी से व्यक्तिगत रिश्ता कैसे निभा सकते हैं। जब वे (हरिवंश) हमारे घर पर आएंगे तो हम व्यक्तिगत रिश्ते निभाएंगे लेकिन यहां हम किसानों के लिए बैठे हैं। इसलिए ये व्यक्तिगत रिश्ते निभाने का वक्त नहीं है।