September 25, 2020

श्रीजी के कलशाभिषेक के साथ दशलक्षण पर्व का समापन

जयपुर, 2 सितम्बर। दिगंबर जैन धर्मावलंबियों के दशलक्षण पर्व का मंगलवार को उत्तम ब्रह्मचर्य लक्षण की पूजा—अर्चना के साथ समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ अनंत चतुर्दशी और उत्तम ब्रह्मचर्य लक्षण मनाया गया। घरों में ही पूजा-अर्चना और महाआरती की। लोगों ने भक्तामर स्तोत्र पाठ और णमोकार महामंत्र के जाप घरों में किए। कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
राजस्थान जैन युवा महासभा के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन ने बताया कि कल अनन्त चतुर्दशी के मौके पर चोबीस तीर्थंकरो की अष्ट द्रव्य से पूजा की गई। श्रीजी के कलशाभिषेक हुए, जिसका श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन लाभ उठाया। इस मौके पर वीतराग धर्म का उत्तम ब्रह्मचर्य लक्षण मनाया गया। घरों में महाआरती, भक्तामर स्तोत्र पाठ एवं णमोकार महामंत्र के जाप किए गए। श्रद्धालुओं ने पूरा दिन उपवास, धर्म-ध्यान, त्याग-तपस्या में व्यस्त रहकर घरों में ही बिताया।

क्षमा पर्व पड़वा ढोक कल: राजस्थान जैन युवा महासभा के अध्यक्ष प्रदीप जैन ने बताया कि 3 सितम्बर को षोडशकारण समापन कलश होगें, जिनका श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन प्रसारण किया जाएगा। इस मौके पर शाम को क्षमापर्व पड़वा ढोक मनाई जाएगी। लोग आपस में गत वर्ष की गलतियों व त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करेंगे।