October 27, 2020

श्रीमाधोपुर के हांसपुर जोहड़ की चरागाह जमीन पर सालों से किए गए अतिक्रमण को हटाया

द्य दर्जनभर भोपा परिवार हुए बेघर द्य 35 सालों से कच्चा मकान बनाकर रह रहे थे लोग

श्रीमाधोपुर, (निसं.)। ग्राम पंचायत हांसपुर की पकौड़ी प्याऊ के पास स्थित सतीवाला जोहड़ में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने अभियान चलाया। यहां वर्षों से कच्चे व पक्के मकान बनाकर रह रहे दर्जनभर गरीब भोपा परिवारों के घरों को प्रशासन ने जेसीबी मशीन से तोड़ डाला। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जद में आए परिवारों की माली हालत काफी दयनीय है। घर टूटने के कारण अब उन्हें रहने के लिए कोई आशियाना नहीं बचा। वे अपनी घर गृहस्थी का सामान खुले में रखने को मजबूर हैं। बुधवार दोपहर श्रीमाधोपुर तहसीलदार, एसआई कैलाशचंद्र पुलिस बल के साथ जोहड़ पहुंचे और प्रशासन ने जेसीबी मशीन से इनके घरों को तोड़ डाला। मामले में 18 अगस्त को तहसीलदार महिपाल सिंह राजावत ने अतिक्रमियों पप्पूराम, रोहिताश, राकेश, अंबालाल, कालूराम, सीताराम, प्रभुराम, चंदा देवी, रामलाल, लालचंद, नैनाराम, सोहनलाल आदि को नोटिस जारी कर 25 अगस्त से पहले अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे।

रोता-बिलखता रहा परिवार
अतिक्रमण हटाने के दौरान छोटे-छोटे बच्चे व महिलाएं अपने घर टूटते हुए देख रहे। परिजनों की आखों से आंसू छलक रहे थे और सब प्रशासन सहित शिकायतकर्ता को कोसते नजर आए। वहां मौजूद कुछ लोग इस कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह लगाते नजर आए। हांसपुर सरपंच विमला देवी ने कहा कि ग्राम पंचायत द्वारा इन परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रस्ताव लेकर शीघ्र ही इनके रहने के लिए व्यवस्था करवाई जाएगी।
वहीं टूटे घर के पास अपने पांच छोटे-छोटे बच्चों को लेकर मायूस बैठी चंदा देवी रोते हुए बोली कि पति की डेढ़ साल पहले मौत हो चुकी है। उसके पांच बच्चे हैं तथा बस्ती से खाना मांग कर वह अपने बच्चों का पेट पाल रही है। नरेगा में जॉब कार्ड बना हुआ है, लेकिन इस वक्त काम नहीं है। टीन शैड से बना एक कच्चा घर था, वह भी प्रशासन ने तोड़ दिया और मेरा घरेलू सामान बाहर खुले में रख दिया। रात को सर्दी में छोटे-छोटे बच्चों को लेकर कहां जाऊं, अब तो सिर छुपाने के लिए जगह भी नहीं है।

गरीबों पर नजर, अमीरों पर मेहरबानी: पूर्व सरपंच मोहनलाल सैनी का कहना है कि अन्य चारागाह भूमि पर कई दबंगों का कब्जा है, जिन पर प्रशासन शिकायत के बाबजूद ध्यान नहीं देता और गरीबों पर आज कहर बरपा डाला। करीब 35 सालों से रह रहे इन गरीबों के पुनर्वास की व्यवस्था करने के बाद प्रशासन को अतिक्रमण हटाना चाहिए था।

35 साल से इस जगह पर निवास कर रहे है
प्रभुदयाल भोपा ने बताया कि करीब 35 से 40 वर्षों से इस जगह पर निवास कर रहे हैं। दबंग व्यक्तियों ने प्रशासन से मिलकर उनका मकान तुड़वा दिया। जॉब कार्ड बना हुआ है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की लिस्ट में भी नाम है। बीपीएल में चयनित हूं। मैं गरीब हूं, इसलिए मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं मामले में तहसीलदार राजावत भोपा व बावरिया जाति के दर्जनभर परिवारों ने हांसपुर के जोहड़ में चारागाह भूमि पर कई वर्षों से अतिक्रमण कर रखा था। गांव के कई लोगों द्वारा पिछले पांच महीनों में कई बार अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर शिकायत आई है। 18 अगस्त 2020 को नोटिस जारी कर 25 अगस्त से पहले अतिक्रमियों को अतिक्रमण हटाने के लिए कहा था। ऐसा नहीं होने पर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। इनके पुनर्वास के लिए ग्राम पंचायत नियमानुसार प्रस्ताव बनाकर भिजवाए। इसके बाद उच्चाधिकारियों द्वारा आदेश मिलने पर इन्हें रहने के लिए शीघ्र कोई व्यवस्था की जाएगी।