November 30, 2020

सड़क-पटरी रोकने का किसी को हक नहीं

  • गुर्जर आरक्षण पर सरकार बोली

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 3 नवम्बर। अशोक गहलोत सरकार की ओर से मंत्री रघु शर्मा ने कहा है कि गुर्जर आरक्षण मामले में बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं, लेकिन सड़क और पटरी जाम करने का किसी को अधिकार नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि सरकार ने 14 बिंदुओं पर बातचीत में सहमति बनाई है। यह वार्ता 80 गांवों के पंचों से हुई है फिर भी कर्नल बैंसला को लगता है कि कोई बात अधूरी रह गई है तो बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं। आप वार्ता का निमंत्रण लेने से मना कर दें। यह ठीक नहीं है। लोकतंत्र में सड़क और पटरी रोकने का अधिकार किसी को नहीं। बातचीत के लिए सरकार हमेशा तैयार है लेकिन राजस्थान का अमन-चैन प्रभावित नहीं होना चाहिए। दूसरे लोग आप के आंदोलन से परेशान नहीं हों, इस बात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। रघु शर्मा उस तीन सदस्यीय कमेटी के सदस्य जिसमें अशोक चांदना और बीडी कल्ला भी शामिल हैं। गुर्जरों के साथ वार्ता कर रास्ता निकालने की जिम्मेदारी इसी कमेटी पर है। मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों और अब तक किए गए कामों की दी विदानसभा में भी सोमवार को जानकारी दी गई। रघु शर्मा ने कहा कि 13 फरवरी 2019 को कानून बनाकर अति पिछड़ा वर्ग को लागू कियाण् पांच फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया। 2020 तक 22 महीने के अंदर अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को 24091 पदों पर नियुक्तियां दी गई जो प्रक्रियाधीन भर्तियां है अति पिछड़ा वर्ग के लिए 5 फीसदी के आधार पर राज्य सरकार ने पद आरक्षित किए हैं। 2008 से 2013 के बीच में 1 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान किए गए थे।

अब तक 17 का मार्ग बदला
उधर गुर्जर आरक्षण आंदोलन के जोर पकडऩे के साथ ही ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन का सिलसिला तेज हो गया है। रविवार से लेकर सोमवार दोपहर तक उत्तर पश्चिम रेलवे इस मार्ग की 17 ट्रेनों को डायवर्ट कर चुका है। ् आंदोलनकारियों ने दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर कब्जा कर रखा है। इससे यह मार्ग बाधित हो गया है। उसके बाद उत्तर पश्चिम रेलवे ने धड़ाधड़ ट्रेनों का मार्ग बदलने का सिलसिला शुरू कर दिया है। देश में कुल 17 रेलवे जोन हैं। राजस्थान में पडऩे वाले उत्तर पश्चिम रेलवे जोन ने फिलहाल एक भी ट्रेन रद्द नहीं की है लेकिन 17 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। यानी उत्तर पश्चिम रेलवे की ट्रेनें चल रही हैं लेकिन उनके रूट बदल दिये गये हैं। रविवार को 7 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया था। उसके बाद सोमवार को दोपहर तक 10 और ट्रेनों के रूट को बदला दिया गया है। दूसरे जोन को मिलाया जाए तो करीब 60 से ज्यादा ट्रेनों के संचालन पर इसका असर पड़ा है।