September 21, 2020

सरकार के आदेश के बाद भी धार्मिक स्थल खोलने से डर रहे हंै धर्मगुरू

कोरोना संक्रमण के बढ़ते केसों ने किया चिंतित

जयपुर, 5 सितम्बर। राजधानी जयपुर सहित प्रदेशभर में 7 सितंबर से धार्मिक स्थलों को लेकर राज्य सरकार ने अनुमति दे दी है, लेकिन राजधानी जयपुर के तमाम बड़े धार्मिक स्थल पूरे सितंबर महीने में बंद रहेंगे। हालांकि कुछ धार्मिक स्थलों को धर्मगुरूओं ने खोलने का निर्णय कर लिया है, लेकिन अधिकांश धर्मगुरू प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के केसों को देखते हुए चिंतीत है। इस बीच राजधानी जयपुर के जौहरी बाजार स्थित शहर की सबसे बड़ी जामा मस्जिद को 7 सितंबर से अकीदतमंदों के लिए खोल दिया जाएगा।
कल जुमे की नमाज के बाद इंतिजामिया कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें मस्जिद खोलने को लेकर सहित तमाम व्यवस्थाओं के बाबत मंथन किया गया, ताकि कोरोना संक्रमण के तहत कोई खतरा किसी के स्वास्थ्य पर न हो। मस्जिद के सदर नईमुद्दीन कुरैशी ने बताया कि मस्जिद में बिना एल्कोहल का रजत युक्त विशेष सेनेटाइजर काम में लिया जाएगा। इसके साथ ही आने जाने वाले अकीदतमंदों को सेनेटाइजेशन के बाद ही मस्जिद में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा आने-जाने का समय भी निश्चित किया जाएगा। जुमे की नमाज में सामाजिक दूरी की पालना के साथ ही नमाज अदा की जाएगी। इसके अलावा नमाज अदा करते समय कारपेट काम में नहीं लिया जाएगा।

7 सितम्बर से नहीं खुलेंगे कई मंदिर
सभी धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति मिलने के बाद भी छोटी काशी के नाम से मशहूर राजधानी जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी समेत कई मंदिरों के द्वार आमजन के लिए 30 सितम्बर तक बंद रहेंगे। इसके अलावा ताड़केश्वर महादेव मंदिर, गलता तीर्थ, गढ़ गणेश, मोती डूंगरी सहित अन्य मंदिर भी 7 सितम्बर से नहीं खुलेंगे। खोले के हनुमान जी मंदिर में भी पिछले दिनों प्रबंध समिति की बैठक हुई, जिसमें मंदिर को 7 सितम्बर से खोलने पर विचार किया, जिसको लेकर तमाम तैयारियां भी मंदिर प्रशासन ने कर ली। सोश्यल डिस्टेंसिंग के लिए गोले बनाने, रैलिंग लगाने, सैनेटाइज करने सहित तमाम व्यवस्थाएं मंदिर प्रशासन ने कर ली। लेकिन बावजूद इसके कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए 7 से मंदिर खोलने का निर्णय नहीं हो सका।

नवंबर तक बंद रह सकता है गोविंददेव जी मंदिर
जानकारी के मुताबिक शहर के प्रमुख गोविंद देव जी मंदिर को मंदिर प्रबंधन नवंबर तक बंद रख सकता है। इसके संकेत भी मंदिर प्रबंधन ने दे दिए। प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि श्राद्ध पक्ष (आश्विन माह) के बाद कार्तिक माह में मंदिर में सर्वाधिक भीड़ रहती है। सुबह की मंगला आरती में ही कार्तिक माह में प्रतिदिन औसतन 50 हजार से अधिक लोग दर्शन करने आते है। ऐसे में सोश्यल डिस्टेंसिंग को बनाए रखना मंदिर प्रबंधन के बस की बात नहीं है। ऐसे में कार्तिक माह पूरा होने तक मंदिर को बंद रखा जा सकता है।