Wed. Feb 19th, 2020

सरकार के पैमाने पर फेल परिवहन विभाग!

एक भी आरटीओ राजस्व लक्ष्य पूरा करने में सफल नहीं

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 15 फरवरी। राज्य सरकार के कमाऊ विभागों में शामिल परिवहन विभाग इस वर्ष राज्य सरकार के मानकों पर विफल साबित हो रहा है। विभाग अभी तक राजस्व अर्जन के मामले में काफी पीछे है। खास बात यह भी है कि विभाग के 12 आरटीओ में एक भी आरटीओ ऐसा नहीं है, जो राजस्व लक्ष्य को पूरा कर रहा हो।

सरकार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा परिवहन विभाग
परिवहन विभाग राज्य सरकार के लिए राजस्व लाने वाले टॉप 5 विभागों में शामिल है। वाणिज्य कर विभाग, आबकारी और खान विभाग के बाद परिवहन विभाग चौथे नम्बर पर आता है, लेकिन इस वित्तीय वर्ष में अब तक परिवहन विभाग राज्य सरकार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। परिवहन विभाग को राज्य सरकार ने जो राजस्व लक्ष्य दिया था, विभाग उसमें अभी 9 फीसदी पीछे चल रहा है। जनवरी माह तक के राजस्व अर्जन की समीक्षा में यह आश्चर्यजनक तथ्य आया है कि एक भी आरटीओ कार्यालय अपने लक्ष्य को पूरा करने में सफल नहीं रहा है। सीकर आरटीओ अब तक लक्ष्य हासिल करने में सबसे आगे है, लेकिन सीकर आरटीओ भी 100 फीसदी लक्ष्य अर्जित नहीं कर पाया है। रिवेन्यू के लिहाज से सबसे बड़ा रीजन जयपुर आरटीओ है, जो सभी 12 आरटीओ की रैंकिंग में छठे स्थान पर है। सबसे खराब हालात अजमेर, पाली और कोटा आरटीओ के हैं। राजस्व अर्जन को लेकर पिछले माह हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में विभाग के तत्कालीन आयुक्त राजेश यादव ने इन अफसरों को लताड़ भी लगाई थी। जनवरी माह तक विभाग को 4100 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित करना था, जिसमें से विभाग 3750 करोड़ रुपए अर्जित कर सका है।

पिछले साल भी रहा था पीछे
गौरतलब है कि परिवहन विभाग पिछले साल भी राजस्व लक्ष्य अर्जित करने में विफल साबित हुआ था। परिवहन विभाग को पिछले साल 5000 करोड़ रुपए का लक्ष्य अर्जित करना था, जिसमें विभाग 4576.22 करोड़ रुपए जुटाने में कामयाब रहा था। इस तरह विभाग पिछले साल भी 91.52 फीसदी पर अटक गया था। विभाग की मौजूदा प्रगति से यह समझा जा सकता है कि परिवहन विभाग इस वित्त वर्ष में भी राजस्व लक्ष्य पूरा करने में शायद ही सफल हो पाए. क्योंकि विभाग को मार्च तक 5650 करोड़ रुपए अर्जित करने हैं और विभाग जनवरी तक 4100 करोड़ के लक्ष्य में से 3750 करोड़ ही अर्जित कर सका।