December 3, 2020

सरकार ने प्रदेश में 52 नए कोर्ट खोले

29 जयपुर में होंगे स्थापित, विधि एवं विधिक कार्य विभाग ने जारी किया नोटिफिकेशन

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 2 नवम्बर। राज्य सरकार ने अधीनस्थ अदालतों में मुकदमों की पेंडेंसी घटाने के लिए बड़ा फैसला करते हुए विभिन्न स्तर के 52 नए कोर्ट खोले हैं। इनमें अकेले जयपुर में 29 कोर्ट खोले जाने का निर्णय किया गया है। विधि एवं विधिक विभाग के प्रमुख सचिव विनोद कुमार भारवानी ने नए कोर्ट खोले जाने की अधिसूचना जारी की है। कार्य क्षेत्र विभाजन के बाद जल्द ही यह कोर्ट स्थापित हो जाएंगे। राज्य सरकार ने इसी बजट में नए कोर्ट खोले जाने की घोषणा की थी, जिसे अब अमली जामा पहनाया गया है। इसमें जयपुर में दो और पारिवारिक न्यायालय (संख्या-4) एवं पारिवारिक न्यायालय (संख्या-5) खोले गए हैं। इनका क्षेत्राधिकार राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से निर्धारित किया जाएगा। वहीं, श्रीगंगानगर में एक और पोक्सो कोर्ट संख्या-2 खोलने का निर्णय किया गया है। यहां राजस्थान हाईकोर्ट से अंतरित किए गए मुकदमों की सुनवाई होगी। विशेष महानगर मजिस्ट्रेट कोर्ट (एनआई एक्ट), सभी जयपुर में जयपुर महानगर प्रथम में न्यायालय संख्या-14, 15, एवं 16 और जयपुर महानगर द्वितीय में न्यायालय संख्या-17, 18, 19, 20, 21 एवं 22 और कोर्ट संख्या-4 अजमेर। इन न्यायालयों का स्थानीय क्षेत्राधिकार संबंधित जिला एवं सेशन न्यायाधीश और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा निर्धारित किया जाएगा।

12 अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं महानगर मजिस्ट्रेट कोर्ट: जयपुर महानगर प्रथम में मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-20, 21, और 22 एवं 23 सांगानेर और जयपुर महानगर द्वितीय में मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-19, 20, 21, 22, 23, 24, 25 एवं 26 हैं। इन न्यायालयों का स्थानीय क्षेत्राधिकार संबंधित जिला एवं सेशन न्यायाधीश और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा निर्धारित किया जाएगा। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं एसीजेएम कोर्ट नावां (नागौर) व फागी (जयपुर)। इन न्यायालयों का स्थानीय क्षेत्राधिकार संबंधित जिला एवं सेशन न्यायाधीश और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा निर्धारित किया जाएगा। अटरू (बारां), सिकराय (दौसा), कोर्ट संख्या-11 सांगानेर (जयपुर), जालोर में (सांचौर8, बिलाड़ा (जोधपुर), देसूरी (पाली) एवं पिंडवाड़ा(सिरोही) और बानसूर अलवर में (अलवर), रायपुर (भीलवाड़ा), टोडाभीम (करौली), न्यायालय संख्या-4 एवं 5 (अलवर)।