Tue. Jun 18th, 2019

सलाखों के पीछे ही रहेगा नीरव मोदी

ब्रिटिश अदालत ने फिर ठुकराई जमानत अर्जी

लंदन,13 जून (एजेंसी)। भारत के सरकारी बैंकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करके लंदन भागे हीरा कारोबारी नीरव मोदी पर वहां भी शिकंजा कसता दिख रहा है। नीरव मोदी की जमानत अर्जी बुधवार को ब्रिटिश हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी। ऐसे में उसे अभी लंदन की जेल में दिन गुजरने होंगे। जज इनग्रिड सिमलर ने कहा कि इस बात का ठोस आधार है कि नीरव सरेंडर नहीं करेगा। जज ने यह आशंका भी जताई कि गवाहों को प्रभावित कर कानूनी प्रक्रिया को बाधित किया जा सकता है। हाईकोर्ट से पहले वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भी यही कहते हुए नीरव की अर्जी 3 बार खारिज की थी। वेस्टमिंस्टर कोर्ट से तीसरी बार याचिका खारिज होने के बाद नीरव ने 31 मई को हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी। हाईकोर्ट में नीरव की याचिका पर मंगलवार (11 जून) को सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने कहा था कि फैसले के लिए वक्त चाहिए, इसलिए बुधवार की तारीख दी। नीरव 86 दिन से लंदन की वांड्सवर्थ जेल में है। 19 मार्च को उसकी गिरफ्तारी हुई थी।

वकीलों ने दी दलील
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नीरव की वकील क्लेर मोंटगोमरी ने कहा था कि जमानत मिलने पर नीरव इलेक्ट्रोनिक डिवाइस से निगरानी रखे जाने के लिए तैयार है, उसका फोन भी ट्रैक किया जा सकेगा। मोंटगोमरी ने कहा कि नीरव यहां पैसा कमाने आया है। अब तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई जिससे लगे कि वह भाग सकता है। उसके बेटे-बेटी भी यहां पढ़ाई के लिए आने वाले हैं। उधर भारत की ओर से केस लड़ रही क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कहा- नीरव पर आपराधिक और धोखाधड़ी के आरोप हैं। यह असुरक्षित कर्ज का मामला है।सीपीएस ने कहा, हमने जज को बताया कि नीरव को जमानत नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि उस पर गंभीर आरोप हैं। उसका ब्रिटेन आना कोई संयोग नहीं था। जिस तरह से उसने धोखेबाजी की, वह जानता था कि यह दिन आएगा। उसने जमानत के लिए जमानत राशि का प्रस्ताव भी रखा। अगर उसे जमानत दी जाती है तो सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका है।