September 19, 2020

साउथ अफ्रीकी कैस्टर सेमेन्या केस हारी

महिला धावक के शरीर में पुरुष हार्मोन

नई दिल्ली, (एजेंसी)। साउथ अफ्रीका की ओलिंपिक 800 मीटर चैम्पियन कैस्टर सेमेन्या अब महिलाओं के साथ नहीं दौड़ सकेंगी। वे स्विट्जरलैंड की सुप्रीम कोर्ट में केस हार गई हैं। कोर्ट ने उनके शरीर में मौजूद मेल हार्मोन कम करने के लिए इलाज कराने के आदेश दिए हैं। पिछले साल द कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (खेल पंचाट) ने सेमेन्या को हार्मोन कम कराने के आदेश दिए थे। खेल पंचाट ने कहा था कि सेमेन्या को शरीर में रिसने वाले मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन को दवा लेकर कम कराना होगा। सेमेन्या ने इस फैसले के खिलाफ स्विस कोर्ट में अपील दायर की थी, जो अब खारिज हो गई है।

मैं खुद को नहीं बदलूंगी
सेमेन्या ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया है। उन्हें पता है कि यदि वे हार्मोन कम नहीं करेंगी, तो अगले साल होने वाले टोक्यो ओलिंपिक में शामिल नहीं हो सकेंगी। इसके बावजूद उन्होंने कहा, ‘मैं इस तरह के नियम को लेकर सहमत नहीं हूं। मैं वल्र्ड एथलेटिक्स के ड्रग्स (हार्मोन कम करने की दवा) लेने के आदेश को नहीं मानती। मैं जो भी हूं, ठीक हूं। खुद को नहीं बदलूंगी।Ó

टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की मात्रा ज्यादा
सेमेन्या ओलिंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स में 2-2 और वल्र्ड चैम्पियनशिप में 3 गोल्ड जीत चुकी हैं। कैस्टर 2009 में पहली बार वल्र्ड चैम्पियनशिप में दौड़ी थीं। इसके बाद आईएएएफ ने कैस्टर का जेंडर टेस्ट कराया था। टेस्ट में पता चला कि उनके शरीर में रिसने वाले टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की मात्रा बहुत ज्यादा है।