Wed. Jul 17th, 2019

सुखोई-राफेल विमानों की जोड़ी की हो रही है परख

भारतीय वायुसेना और फ्रांस एयरफोर्स के फाइटर विमान के बीच बड़ा युद्धाभ्यास

नई दिल्ली, 12 जुलाई (एजेंसी)। फ्रांस में भारतीय वायुसेना और फ्रांस एयरफोर्स के फाइटर विमान के बीच बड़ा युद्धाभ्यास चल रहा है। इस युद्धाभ्यास की सबसे बड़ी खासियत है फ्रांसीसी लड़ाकू विमान राफेल। यह भी भारत के लड़ाकू विमानों के साथ युद्धाभ्यास कर रहा है। आशा की जा रही है कि यह जल्द ही भारत की वायुसेना में शामिल हो जाएगा। इस संयुक्त इंडो-फ्रेंच युद्धाभ्यास में मिराज 2000, सुखोई 30 एमकेआई और अल्फा जेट विमान भी शामिल हैं। भारतीय वायुसेना की 120 लड़ाकू विमानों की टुकड़ी इस संयुक्त युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस पहुंची हुई है। इन लड़ाकू विमानों में सुखोई 30 , एमकेआई विमान, सी 17 ग्लोबमास्टर मालवाहक विमान और आईएल 78 ईंधन भरने वाले विमान भी शामिल हैं। गरुड़ युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ आरकेएस भदौरिया ने खुद राफेल लड़ाकू विमान उड़ाकर इसे परखा। बता दें कि वे राफेल लड़ाकू विमान खरीद टीम के चेयरमैन भी रहे हैं।

भारत के लिए बहुत आसान हो जाएगी पाक और चीन की चुनौती
वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ आरकेएस भदौरिया ने राफेल को उड़ाने के बाद कहा कि राफेल दुनिया का बेहतरीन विमान है। इसके भारतीय वायुसेना के पास आने से भारतीय वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। सुखोई और राफेल की जोड़ी की ताकत के आगे पाकिस्तान और चीन अब भारत के खिलाफ कोई भी नापाक हरकत नहीं कर पाएंगे। फ्रांस के पास इस समय राफेल, अल्फा जेट, मिराज 2000, और कासा जैसे लड़ाकू विमान हैं। फिलहाल भारतीय वायुसेना और फ्रांस की वायुसेना के बीच होने वाले इस युद्धाभ्यास में भारतीय पायलट और कर्मियों को राफेल जेट विमानों के बारे में बहुत सी बातें जानने का अवसर दे रहा है। गौरतलब है कि बालाकोट हवाई हमले के बाद वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा था कि अगर हमारे पास राफेल लड़ाकू विमान होता तो नतीजे कुछ और होते। ऐसे में अब आने वाले दिनों में सुखोई और राफेल लड़ाकू विमानों की जोड़ी पाकिस्तान और चीन को भारत के सामने टिकने नहीं देंगे।

सितंबर तक पहला राफेल जेट भारत आने की उम्मीद
भारत ने फ्रांस के साथ 58,000 करोड़ रुपये की लागत से 36 राफेल जेट खरीदने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस खरीद समझौते को लेकर राजनीतिक विवाद भी गहरा गए थे. भारत को फ्रांस से पहला राफेल विमान इसी साल सितंबर में आने की उम्मीद है। भारत और फ्रांस के बीच गरुड़ युद्धाभ्यास 2003 से ही होता आ रहा है। यह कभी भारत और कभी फ्रांस में किया जाता ह। पहला गरुड़ फरवरी, 2003 में हुआ था। इसे मध्यप्रदेश के ग्वालियर में आयोजित किया गया था। इसके बाद से कई गरुड़ यु्द्धाभ्यास हो चुके हैं।