Fri. Jul 3rd, 2020

सेना ऑरेंज अलर्ट पर

गलवान घाटी में एयर मिसाइल सिस्टम तैनात

जम्मू, 29 जून (एजेंसी)। पूर्वी लद्दाख की गलवन घाटी में चीनी सैनिकों की हिमाकत के बाद उपजे तनाव के बीच अब भारतीय सेनाओं ने जमीन ही नहीं, हवा में भी उसे घेरने के लिए मजबूत जाल बिछा रखा है। पूरे लद्दाख में भारतीय वायुसेना और थल सेना ऑरेंज अलर्ट पर है।
इतना ही नहीं, दुश्मन के विमान तबाह करने के लिए क्विक रिएक्शन सरफेस टु एयर मिसाइल सिस्टम भी तैनात कर दिया गया है। वायुसेना के आधुनिक रडार दुश्मन के विमानों को उसके बेस पर ही निगरानी पर रखे हैं। पूर्वी लद्दाख में चीन के मुकाबले भारतीय सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं। एक ओर तोपखाना जरूरत पडऩे पर सटीक वार करने को मुस्तैद है तो भारतीय वायुसेना भी हवाई हमले को नाकाम करने में सक्षम है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, दोनों भारतीय सेनाओं ने तोपों और मिसाइलों की तैनाती करने के साथ ही पूर्वी लद्दाख में गत दिनों अपने मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम भी मजबूत किया है। इसके अलावा भी नए उपकरण शामिल करने का सिलसिला जारी है। दरअसल, पिछले दो हफ्तों में चीन की वायुसेना वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब सुखोई- 30 विमानों और हेलीकॉप्टरों की गतिविधियों में तेजी लाई है। चीन के हेलीकॉप्टर गलवन घाटी के पेट्रोलिंग प्वाइंट 14, 15 व हॉट स्प्रिंग, पैंगोंग त्सो और फिगर एरिया के काफी पास तक उड़ान भरते देखे गए हैं। इसके जवाब में ही भारतीय वायुसेना ने पूर्वी लद्दाख में दुश्मन के विमानों को मार गिराने की क्षमता से युक्त अपने आधुनिक क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम तैनात किया है

विमान को तबाह करने की क्षमता
क्विक रिएक्शन सरफेस टु एयर मिसाइल सिस्टम पिछले वर्ष ही वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया है। इस मिसाइल सिस्टम को जाम नहीं कर सकता है। इसे वाहन के जरिये कम समय में ही एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। सिस्टम में लगी मिसाइल दुश्मन के विमान को फौरन तलाश कर त्वरित कार्रवाई कर उसे तबाह करने की ताकत रखती है।

क्या है ऑरेंज अलर्ट
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार लद्दाख में भारतीय वायुसेना व थल सेना ऑरेंज अलर्ट पर है। इसके तहत भारतीय लड़ाकू विमानों के हवा से निगरानी करने का स्तर ठीक वैसा ही है, जिसका प्रदर्शन गत वर्ष पाकिस्तान में आतंकी कैंपों पर स्ट्राइक के बाद वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई करने के लिए आए पाकिस्तान के एफ-16 विमानों में से एक को तबाह कर दिया था। पूर्वी लद्दाख में अपने तीन एडवांस लैंडिंग ग्राउंड बनाने वाली वायुसेना के फाइटर विमान चंद मिनटों में चीन पर घातक प्रहार करने की भी क्षमता रखते हैं।

सीमा पर चीन निर्मित टेंट में दिखी नेपाली सेना
उधर भारत-नेपाल बॉर्डर पर नेपाल आर्मी द्वारा अतिरिक्त पोस्ट बनाए जाने की सूचना है। इसके मद्देनजर चौकसी बढ़ा दी गई है। बिहार के चंपारण के मैनाटांड़ प्रखंड से लगने वाली नेपाल की सीमा में टिहुकी- चेरगाहां, बलुआ, मिर्जापुर, पांडेयपुर, दशावता, विशुनपुरवा में अतिरिक्त पोस्ट बने हैं। ये सभी नेपाली पोस्ट सीमा क्षेत्र पर लगे पिलर से 100 गज की दूरी पर नेपाली क्षेत्र में हैं। मैनाटांड़ प्रखंड के भारत नेपाल सीमा क्षेत्र से सटे इनरवा, बसंतपुर, भेडि़हरवा, देवीगंज, नगरदेही के सामने नेपाली आर्मी के इन नए कैंपों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। नेपाली एपीएफ के अस्थाई कैंप में चीन निर्मित टेंट लगाया गया है। वहां के ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से यहां नेपाल का कोई आउटपोस्ट नहीं था। नया आउटपोस्ट खोला गया है। टेंट पर चीनी भाषा में कुछ लिखे जाने की सूचना है।